गोपालपुरा बाईपास पर स्थित इस अस्पताल और तथाकथित ‘सेक्सोलॉजिस्ट’ के खिलाफ चल रहे फर्जीवाड़े का मामला !

उपलब्ध जानकारी और राजगंगा द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के आधार पर, जयपुर के गोपालपुरा बाईपास पर स्थित इस अस्पताल और तथाकथित ‘सेक्सोलॉजिस्ट’ के खिलाफ चल रहे फर्जीवाड़े का मामला काफी गंभीर है !

प्रमुख आरोप
फर्जी डॉक्टरी और खतरनाक इलाज : रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल संचालक का बेटा खुद को विश्व प्रसिद्ध सेक्सोलॉजिस्ट बताकर लोगों को गुमराह कर रहा है ! वह बिना किसी लाइसेंस के खुद ही उत्तेजक इंजेक्शन तैयार करता है और मरीजों के गुप्तांगों की असुरक्षित सर्जरी कर रहा है !
संक्रमण और शारीरिक नुकसान : इस अवैध इलाज के कारण कई लोग गंभीर संक्रमण (Infection) और फफोले (Blisters) के शिकार हो चुके हैं। सामाजिक शर्मिंदगी के कारण कई पीड़ित सामने आने से कतरा रहे हैं, जिसका फायदा यह गिरोह उठा रहा है !
अंतरराष्ट्रीय ठगी और टैक्स चोरी : यह अस्पताल न केवल भारत बल्कि विदेशों तक अपना जाल फैला चुका है। विदेशी डॉक्टरों को टूरिस्ट वीजा पर बुलाकर अवैध ट्रेनिंग दी जा रही है और लाखों डॉलर की ब्लैकमनी कमाई जा रही है, जो सीधे तौर पर टैक्स चोरी का मामला है?
NMC नियमों का उल्लंघन : नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) की अनुमति के बिना चल रही ट्रेनिंग और बिना लाइसेंस की दवाओं का निर्माण इस संस्थान को पूरी तरह अवैध बनाता है !
अब तक की कार्रवाई (संभावित अपडेट)
हालांकि इस विशिष्ट अस्पताल के नाम का स्पष्ट खुलासा समाचार रिपोर्ट में सांकेतिक रूप से किया गया है, लेकिन राजस्थान में हाल ही में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की सक्रियता बढ़ी है:
ड्रग कंट्रोल विभाग की जांच : राज्य के ड्रग कंट्रोल विभाग को इस मामले की शिकायत भेजी गई है। बिना लाइसेंस के दवा निर्माण और अवैध इंजेक्शनों की लैब जांच के लिए जल्द ही छापेमारी की जा सकती है।
कानूनी कार्रवाई : सूत्रों के अनुसार, कुछ पूर्व कर्मचारियों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद स्थानीय पुलिस अस्पताल के वित्तीय लेन-देन और ‘रसीदों’ की जांच कर रही है।
चेतावनी: चिकित्सा विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी यौन रोग के इलाज के लिए केवल रजिस्टर्ड सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही जाएं और लुभावने विज्ञापनों (“चिराग जलाने” जैसे दावों) से बचें।
जनता के लिए महत्वपूर्ण सलाह
सत्यापन करें : इलाज से पहले डॉक्टर का NMC (National Medical Commission) रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर चेक करें।
शिकायत दर्ज करें: यदि आप या आपका कोई परिचित इस जाल में फंसा है, तो तुरंत 181 (राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन) या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। आपकी पहचान गुप्त रखी जा सकती है।
सावधानी: सोशल मीडिया या पर्चों पर छपने वाले ‘चमत्कारी इलाज’ के दावों पर भरोसा न करें।
नोट : यह रिपोर्ट एक गंभीर ‘सिंडिकेट’ की ओर इशारा करती है। यदि चिकित्सा विभाग और पुलिस ने समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो यह कई और लोगों की जिंदगी बर्बाद कर सकता है।
ड्रग कंट्रोलर का बयान : राजस्थान के ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने पुष्टि की है कि दिल्ली से आई CDSCO की टीम के साथ जयपुर की टीम अस्पताल की गहन पड़ताल कर रही है।
साक्ष्य संकलन : टीम अस्पताल में मौजूद अनियमितताओं और अवैध सर्जरी के साक्ष्य खंगाल रही है, जिससे बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।



