neurology
-
IANCON 2026 में आधुनिक तकनीकों और शुरुआती निदान पर विशेषज्ञों का जोर
IANCON 2026 में आधुनिक तकनीकों और शुरुआती निदान पर विशेषज्ञों का जोर जयपुर (31 अक्टूबर 2026): जयपुर के जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी (IAN) की 33वीं वार्षिक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस IANCON 2026 का आयोजन राजस्थान एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी और न्यूरो वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में सफलतापूर्वक जारी है। आयोजकों के मुख्य संदेश और इलाज को…
Read More » -
तनाव और जीवनशैली न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की मुख्य वजह, योग और प्राणायाम से कम होता है स्ट्रोक का खतरा : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
तनाव और जीवनशैली न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की मुख्य वजह, योग और प्राणायाम से कम होता है स्ट्रोक का खतरा : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के 33वें वार्षिक सम्मेलन (IANCON) का जयपुर में भव्य शुभारंभ राज्यपाल ने समय पर निदान, आधुनिक तकनीक, निरंतर अनुसंधान और मानवीय देखभाल पर दिया जोर स्व. डॉ. अशोक पनगड़िया सहित न्यूरोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज…
Read More » -
आइ-ए-एन-कॉन 2026 : स्ट्रोक और डिमेंशिया के अलावा न्यूरोलॉजी की विभिन्न विधाओं पर कुल 10 विशेष प्रैक्टिकल वर्कशॉप आयोजित
जयपुर में IANCON 2026 के पहले दिन जुटे 600 से अधिक न्यूरोलॉजिस्ट जयपुर के जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा में आयोजित 33वीं वार्षिक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘आई-ए-एन-कॉन 2026’ (IANCON 2026) से जुड़े प्रमुख अपडेट्स व तकनीकी सत्रों का विवरण। 1. न्यूरोलॉजिकल वर्कशॉप एवं लाइव डेमोंस्ट्रेशन कॉन्फ्रेंस के पहले दिन स्ट्रोक और डिमेंशिया के अलावा न्यूरोलॉजी की विभिन्न विधाओं पर…
Read More » -
गुलियन बैरी सिंड्रोम से बचाई 14 वर्षीय लड़की की जिंदगी
गुलियन बैरी सिंड्रोम से बचाई 14 वर्षीय लड़की की जिंदगी फोर्टिस हॉस्पिटल, जयपुर में सफल इलाज ; लकवे की स्थिति से मिली राहत जयपुर। गुलियन बैरी सिंड्रोम (GBS) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर तंत्रिका तंत्र की बीमारी है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा तंत्रिकाओं पर हमला करने के कारण होती है। यह स्थिति मांसपेशियों में कमजोरी, झुनझुनी, चलने-फिरने में परेशानी…
Read More » -
वृद्धावस्था में ब्रेन स्ट्रोक से भी बचाव संभव
वृद्धावस्था में ब्रेन स्ट्रोक से भी बचाव संभव जयपुर के संतोकबा दुर्लभ जी हॉस्पिटल का शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित जयपुर। अक्सर युवावस्था में हार्ट और ब्रेन अटैक की रोकथाम को लेकर चर्चा होती है, लेकिन वृद्धावस्था में होने वाले स्ट्रोक को आमतौर पर “भाग्य का प्रकोप” मान लिया जाता है। इसी सोच को चुनौती देता है जयपुर के संतोकबा…
Read More » -
मरीज को बार बार स्ट्रोक आते थे। हाई रिस्क प्रोसीजर कर बचाई जान : डॉ मदन मोहन गुप्ता
मरीज को बार बार स्ट्रोक आते थे। हाई रिस्क प्रोसीजर कर बचाई जान। निम्स हार्ट एंड ब्रेन हॉस्पिटल (एनएचबीएच) के सेंटर चीफ एंड चीफ न्यूरोइंटरवेंशनलिस्ट डॉ. मदन मोहन गुप्ता है। हाल ही आपके नेतृत्व में एनएचबीएच की टीम ने 57 वर्षीय मनोज भार्गव की स्टेंटिंग प्रक्रिया द्वारा विकट एंजियोप्लास्टी की। इस सर्जरी में डिजिटल सब्ट्रैक्शन एजियोग्राफी का उपयोग कर टीम…
Read More » -
मूवमेंट डिसऑर्डर का एडवांस्ड तकनीक से इलाज हुआ संभव : डॉ वैभव माथुर
बिना दिमागी नियंत्रण के गतिविधियों का होना मूवमेंट डिसऑर्डर कहलाता है आजकल मूवमेंट डिसऑर्डर स्पेशलाइज्ड ब्रांच बन गई है एडवांस्ड तकनीक से इलाज हुआ संभव : डॉ वैभव माथुर पहले इसे सभी न्यूरो फिजिशियन देखा करते थे और देखते हैं लेकिन अब आधुनिक मेडिकल साइंस की तरक्की के चलते मूवमेंट डिसऑर्डर को विशेष ब्रांच बना दिया गया है। जिसके पूरे…
Read More » -
अल्ज़ाइमर Alzheimer डिमेंशिया : आगे बढ़ने से रोका और पूर्णतया काबू में लाया जा सकता है इस रोग को – Dr Swapnil Jain
आल्ज़ाइमर डे – 21 सितंबर 2023 विश्व अल्ज़ाइमर डे चलो स्टिग्मा तोड़ते हैं! जनरल मेडिसिन स्पेशलिस्ट एंड न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. स्वप्निल जैन के अनुसार, अल्ज़ाइमर रोग अक्सर बुढ़ापे के बाद 60 वर्ष की आयु के बाद आमतौर पर डिमेंशिया का सबसे आम न्यूरोडेजेनरेटिव कारण होता है। उन्होंने आगे कहा कि यह कुछ मस्तिष्क कोशिकाओं के क्षति के कारण होता है जिससे…
Read More » -
धमनियों में सिकुड़न हो तो न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह से ले बीपी की दवा,: डॉ भूटानी
जयपुर के न्यूरोलॉजी शोध की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति एव सराहना धमनियों में सिकुड़न हो तो सावधानी से ले बीपी की दवा,: डॉ भूटानी जयपुर। जयपुर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ नीरज भूटानी के बॉर्डरजोन स्ट्रोक पर किए गए शोध को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। बॉर्डरजोन स्ट्रोक को लेकर इतनी बड़ी संख्या में मरीजों पर किया गया…
Read More »