विशेष
चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे है न्यू एडवांस

cancer / कैंसर

  • रेडिएशन थेरेपी और पोषण : रिकवरी का एक शक्तिशाली साथी

    रेडिएशन थेरेपी और पोषण : रिकवरी का एक शक्तिशाली साथी रेडिएशन थेरेपी कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती है, लेकिन इस प्रक्रिया में स्वस्थ ऊतकों को भी मरम्मत की आवश्यकता होती है। अक्सर मरीज थकान, स्वाद में बदलाव और भूख की कमी से जूझते हैं। ऐसे में संतुलित आहार केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं, बल्कि शरीर को फिर से मजबूत बनाने…

    Read More »
  • सर्वाइकल कैंसर : “समय पर जांच, सही जानकारी और वैक्सीन—ही जीवन बचाते हैं।”

    सर्वाइकल कैंसर : “समय पर जांच, सही जानकारी और वैक्सीन—ही जीवन बचाते हैं।” विश्व सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस पर स्वास्थ्य कल्याण संसथान में विशेष कार्यक्रम जयपुर दिनांक 17 नवम्बर 2025 विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 नवंबर को “सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस” घोषित किया है, ताकि पूरी दुनिया एक स्वर में यह संकल्प ले कि आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं…

    Read More »
  • HPV वैक्सीन से 90% लोगों में भविष्य में कैंसर विकसित होने की संभावना समाप्त : डॉ वीणा आचार्य

    HPV वैक्सीन से 90% लोगों में भविष्य में कैंसर विकसित होने की संभावना समाप्त : डॉ वीणा आचार्य विश्व सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जयपुर, (16 नवंबर) — विश्व सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस की पूर्व संध्या पर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बचाव, जांच और उपचार पर केंद्रित एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में…

    Read More »
  • कैंसर से ठीक होने के बाद भी जरूरी है सतर्कता – डॉ. कमल किशोर लखेरा की सलाह

    कैंसर से ठीक होने के बाद भी जरूरी है सतर्कता – डॉ. कमल किशोर लखेरा की सलाह जयपुर। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर और कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. कमल किशोर लखेरा का कहना है कि कैंसर का इलाज पूरा हो जाना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसके बाद की ज़िंदगी में भी कई सावधानियाँ और नियमित निगरानी बेहद…

    Read More »
  • एक सर्जन की पुकार – इस ‘धीमी मौत’ को अब और मत नजरअंदाज़ कीजिए

    🗞️ विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2025 🚭 “मैं ट्यूमर हटा सकता हूं, पर तंबाकू नहीं!” एक सर्जन की पुकार – इस ‘धीमी मौत’ को अब और मत नजरअंदाज़ कीजिए अक्सर हर दिन मेरी ऑपरेशन टेबल पर कोई न कोई ज़िंदगी तंबाकू की कीमत चुका रही होती है। कभी जबड़े का कैंसर, कभी गले की नली में ट्यूमर… और अक्सर –…

    Read More »
  • “तंबाकू सिर्फ एक आदत नहीं, कैंसर की शुरुआत है” — वरिष्ठ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अरुण राय की चेतावनी

    “तंबाकू सिर्फ एक आदत नहीं, कैंसर की शुरुआत है” — वरिष्ठ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अरुण राय की चेतावनी जयपुर। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अरुण राय ने तंबाकू चबाने की आदत को एक खतरनाक सामाजिक पैशन करार देते हुए कहा है कि लोग इसे शौक और आदत के रूप में अपनाते हैं, न कि एक स्वास्थ्य खतरे…

    Read More »
  • धुएं का कोई भी रूप फेफड़ों के लिए हानिकारक — डॉ. मनोज कुमार

    धुएं का कोई भी रूप फेफड़ों के लिए हानिकारक — डॉ. मनोज कुमार जयपुर। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग संस्थान में प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार ने चेतावनी दी है कि धुएं का कोई भी स्रोत—चाहे वह सिगरेट, हुक्का, चूल्हा, फैक्ट्री, प्रदूषण या धार्मिक गतिविधियों जैसे हवन से निकला हो—फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि आजकल…

    Read More »
  • फेफड़ों की बीमारी से बचाव ही सबसे बेहतर उपचार — डॉ. भूपेंद्र सैनी

    फेफड़ों की बीमारी से बचाव ही सबसे बेहतर उपचार — डॉ. भूपेंद्र सैनी जयपुर। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग संस्थान के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. भूपेंद्र सैनी ने लोगों से अपील की है कि फेफड़ों की बीमारियों से बचाव के लिए हरसंभव कदम उठाना जरूरी है, क्योंकि यह बीमारियाँ धीरे-धीरे जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं और कई…

    Read More »
  • अस्थमा और सीओपीडी: भ्रम और सच्चाई — डॉ. अशोक चारण की सलाह

    अस्थमा और सीओपीडी: भ्रम और सच्चाई — डॉ. अशोक चारण की सलाह जयपुर। एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के श्वसन रोग संस्थान में वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. अशोक चारण ने बताया कि आज भी अस्थमा और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) को लेकर लोगों में कई भ्रांतियाँ बनी हुई हैं। अक्सर लोग इन दोनों बीमारियों को एक जैसा मान लेते…

    Read More »
  • तंबाकू सेवन : समाज में व्याप्त यह शौक एक गंभीर अभिशाप

    तंबाकू सेवन : समाज में व्याप्त यह शौक एक गंभीर अभिशाप डॉ. सुधांशु अनंत पांडे (ईएनटी विशेषज्ञ, चौमू) चौमू, । तंबाकू चबाना, धूम्रपान और धुआँ पान जैसी आदतें हमारे समाज में आज भी व्यापक रूप से प्रचलित हैं, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में। अज्ञानता, परंपरा और *सामाजिक स्वीकृति* के कारण इनका सेवन लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है, लेकिन…

    Read More »
Back to top button