सर्वाइकल कैंसर : “समय पर जांच, सही जानकारी और वैक्सीन—ही जीवन बचाते हैं।”

सर्वाइकल कैंसर : “समय पर जांच, सही जानकारी और वैक्सीन—ही जीवन बचाते हैं।”
विश्व सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस पर स्वास्थ्य कल्याण संसथान में विशेष कार्यक्रम
जयपुर दिनांक 17 नवम्बर 2025

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 नवंबर को “सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस” घोषित किया है, ताकि पूरी दुनिया एक स्वर में यह संकल्प ले कि आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं को इस कैंसर से मुक्त किया जाए।
इसी कड़ी में सीतापुरा स्थित स्वास्थ्य कल्याण संस्थान में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसकी मुख्य अतिथि श्रद्धा अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अरुण चौगुले एवं मुख्य वक्ता राजस्थान अस्पताल कि स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं प्रिवेंटिव ऑंकोलॉजिस्ट डॉक्टर वीणा आचार्य थी ! उनके द्वारा इस अवसर पर तैयार किए गए एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया जिसमें जयपुर कैंसर रिलीफ सोसायटी की सचिव श्रीमती सीमा सेठी एवं मेंबर आप हरकुट भी मौजूद थे ! प्रारंभ में प्रिंसिपल डॉक्टर योगेश्वर गुप्ता एवं अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉक्टर तनुज राजवंशी ने आगंतुकों का स्वागत किया तथा सर्वप्रथम सबने दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम की शुरुआत की
वैज्ञनिक सत्र में बोलते हुए महिला रोग विशेषज्ञ डॉ वीणा आचार्य ने बताया कि गर्भाशय के मुख (Cervix) का कैंसर—जिसे सामान्य भाषा में सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है—भारत सहित दुनिया की लाखों महिलाओं की जान लेने वाला कैंसर है। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दुनिया का पहला ऐसा कैंसर है जिसे पूरी तरह रोका जा सकता है, समय रहते पहचाना जा सकता है और प्रारंभिक उपचार से लगभग 100% ठीक किया जा सकता है।
यह कैंसर HPV (Human Papilloma Virus) नामक वायरस के संक्रमण से होता है जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है।
सभी HPV संक्रमण कैंसर नहीं बनते, लेकिन कुछ विशेष प्रकार के वायरस लंबे समय तक शरीर में रहने पर कैंसर का कारण बन सकते हैं।
डॉ आचार्य ने बताया कि भारत में हर साल लगभग— 1 लाख से अधिक महिलाएँ सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित होती हैं
60,000 से अधिक महिलाओं की मृत्यु होती है यह भारतीय महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है ग्रामीण क्षेत्रों में निदान देरी से होने के कारण मृत्यु दर अधिक है सबसे दुखद बात यह है कि यह कैंसर धीरे-धीरे 10–15 साल में विकसित होता है, इसलिए समय रहते जांच करवा ली जाए तो इसे 100% रोका जा सकता है।
सर्वाइकल कैंसर के मुख्य कारण HPV संक्रमण, कम उम्र में विवाह या यौन संबंध, अधिक प्रसव, लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियाँ धूम्रपान, कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता की कमी है
इस कैंसर को पूरी तरह कैसे रोका जा सकता है विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार HPV वैक्सीन 9–14 वर्ष की बच्चियों के लिए अत्यंत प्रभावी है, यह कैंसर होने के जोखिम को 90% तक कम कर देती है, डॉ आचार्य ने बताया कि भारत में भी यह वैक्सीन उपलब्ध है हर माता-पिता की जिम्मेदारी है कि अपनी बेटियों को यह वैक्सीन अवश्य दिलाएँ।
स्त्री रोग विशेषग्य डॉ पंखुरी ने बताया कि 30 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को निम्न जांच समय-समय पर करानी चाहिए— पैप स्मीयर टेस्ट (Pap test), HPV DNA टेस्ट, VIA टेस्ट (Visual Inspection with Acetic Acid), इन जाँचों से कैंसर बनने से पहले ही उसकी शुरुआत का पता लग जाता है और साधारण उपचार से पूरा खतरा समाप्त हो जाता है।
स्त्री रोग विशेषग्य डॉ तरु छाया ने बताया कि यदि स्क्रीनिंग में कोई असामान्य परिवर्तन मिलता है, तो—, दवाई, थर्मल एब्लेशन, क्रायोथेरेपी या अन्य छोटे उपचार कैंसर बनने से पहले ही समस्या को जड़ से खत्म कर देते हैं।
जयपुर कैंसर रिलीफ सोसाइटी कि सचिव सीमा सेठी ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए तीन सबसे ज़रूरी का 9 –14 वर्ष की बेटियों का HPV टीकाकरण, 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित सर्वाइकल स्क्रीनिंग, किसी भी असामान्य रक्तस्राव या लक्षण पर तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क
मुख्य अतिथि डॉ श्रधा ने इस अवसर पर संदेश दिया कि एक स्वस्थ समाज तभी बनेगा, जब हमारी बेटियाँ, बहनें, पत्नियाँ और माताएँ स्वस्थ हों। सर्वाइकल कैंसर को खत्म करना सिर्फ चिकित्सा का मुद्दा नहीं—महिला सम्मान, परिवार सुरक्षा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य का मुद्दा है।
डॉ अरुण चौगले ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेट किये तथा इस अवसर पर मौजूद 250 से अधिक प्रतिभागियों से कहा की 17 नवंबर को हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि “हम अपने परिवार, समाज और देश की हर महिला को सर्वाइकल कैंसर से बचाएँगे।” “समय पर जांच, सही जानकारी और वैक्सीन—ही जीवन बचाते हैं।”



