एफएसएआई जयपुर चैप्टर के 10 वर्ष पूरे, राष्ट्रीय भवन निर्माण मानकों पर हुई तकनीकी कार्यशाला

एफएसएआई जयपुर चैप्टर के 10 वर्ष पूरे, राष्ट्रीय भवन निर्माण मानकों पर हुई तकनीकी कार्यशाला

जयपुर, 4 जुलाई। फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएसएआई) के जयपुर चैप्टर की ओर से शनिवार को जयपुर में नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड्स (एनबीसीएस)-2026 के पार्ट ‘एफ’ (फायर एंड लाइफ सेफ्टी) विषय पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एफएसएआई जयपुर चैप्टर ने अपनी स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव भी मनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जयपुर चैप्टर के अध्यक्ष गणपत चौधरी के स्वागत उद्बोधन से हुआ।

गणपत चौधरी…
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भवन निर्माण मानकों के अनुरूप अग्नि एवं जीवन सुरक्षा प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन समय की आवश्यकता है तथा ऐसे कार्यक्रम सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विनोद कापसे…
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं एफएसएआई मुंबई चैप्टर के अध्यक्ष विनोद कापसे ने तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए एनबीसीएस-2026 के पार्ट ‘एफ’ में शामिल नए प्रावधानों, फायर एवं लाइफ सेफ्टी मानकों, भवनों में सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी प्रणाली तथा व्यावहारिक अनुपालन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन ही जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।
अंकुर गुप्ता …
एफएसएआई के राष्ट्रीय सचिव अंकुर गुप्ता भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने संगठन की गतिविधियों एवं फायर सेफ्टी के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
सुधीर माथुर
कार्यक्रम के दौरान एफएसएआई जयपुर चैप्टर के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर माथुर ने मुख्य वक्ता विनोद कापसे का स्वागत किया। कार्यक्रम में इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स, बिल्डर्स, फायर एवं सेफ्टी प्रोफेशनल्स, सरकारी विभागों के अधिकारियों, एमईपी कंसल्टेंट्स, सिस्टम इंटीग्रेटर्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन बृज एम. चांदना ने किया। अंत में जयपुर चैप्टर के सचिव अशोक श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
एफएसएआई कोर कमेटी सदस्य एडवोकेट ललित शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर सदस्यों ने संगठन की उपलब्धियों को याद करते हुए भविष्य में फायर एवं लाइफ सेफ्टी के क्षेत्र में जनजागरूकता और तकनीकी प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के प्रेजेंटिंग स्पॉन्सर टाटा प्रवेश रहे, जबकि प्लेटिनम स्पॉन्सर एटीवीआई तथा गोल्ड स्पॉन्सर न्यूएज फायर प्रोटेक्शन इंडस्ट्रीज, एजिलॉन और डिजीएमआरओ रहे।
कार्यक्रम में फायर एवं लाइफ सेफ्टी से जुड़ी नवीन तकनीकों और राष्ट्रीय मानकों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।


