
गुलाबी नगरी में बिखरी हीरों की चमक: ‘पीकॉक रिंग’ ने मोह लिया सबका मन

जयपुर | 19 दिसंबर, 2025
जयपुर की विरासत और आधुनिकता के संगम नोवोटेल कन्वेंशन सेंटर में आज से ज्वैलरी जगत के महाकुंभ ‘JJS 2025’ का आगाज़ हुआ। जहाँ हज़ारों बेशकीमती आभूषणों के बीच एक ऐसी अंगूठी ने सबका दिल जीत लिया, जिसे देखना किसी सपने के सच होने जैसा है। यह है विश्वविख्यात ‘पीकॉक रिंग’— भारतीय कारीगरी का वो शाहकार, जिसने पूरी दुनिया में भारत का मस्तक गर्व से ऊँचा कर दिया है।
एक अंगूठी, हज़ारों हीरे और अटूट रिकॉर्ड
सावियो ज्वेलरी (आशीष और अभिषेक सांड) की कल्पना से जन्मी यह ‘पीकॉक रिंग’ महज़ एक आभूषण नहीं, बल्कि कला की पराकाष्ठा है। भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर की सुंदरता को समेटे हुए यह रिंग गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुकी है।
पीकॉक रिंग’ वर्ष 2015 से 2018 तक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक ही अंगूठी में सबसे अधिक हीरे जड़े जाने के लिए दर्ज रही है।
इसकी भव्यता के मुख्य बिंदु :
हीरों का समंदर : इसमें 3,827 उच्च गुणवत्ता वाले (VVS-VS) हीरे जड़े गए हैं।
धातु की शुद्धता : इसे 18 कैरेट व्हाइट गोल्ड से बड़ी नज़ाकत के साथ तराशा गया है।
कीमत और कद्र : हालाँकि यह अद्भुत कलाकृति बिकाऊ नहीं है, लेकिन इसकी अनुमानित कीमत ₹25 करोड़ है।
सम्मान : इसकी अद्वितीय रचना के लिए निर्माताओं को पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
JJS 2025 : सपनों को मिल रहे हैं नए रंग
इस साल की थीम “कलर्ड जेमस्टोन्स – शेपिंग ड्रीम्स इन एवरी कलर” के तहत आयोजित इस शो में ‘पीकॉक रिंग’ आकर्षण का ध्रुव तारा बनी हुई है। शो की विशालता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है:
विशेष
यह रिंग भारतीय शिल्पकारों के उस कौशल को दर्शाती है, जहाँ तकनीक और परंपरा मिलकर जादू रचते हैं। चार अलग-अलग व्यूज़ (Orthographic Views) के साथ तैयार की गई यह रिंग यह बताती है कि भारतीय ज्वेलरी उद्योग अब सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि दुनिया में इनोवेशन और क्रिएटिविटी का नया मानक बन चुका है।

देश के नंबर-1 बी2बी और बी2सी ज्वैलरी शो जेजेएस 2025 में इस वर्ष 1,227 बूथ और 660 एग्जीबिटर्स भाग ले रहे हैं। साथ ही 13 देशों के ट्रेड डेलीगेट्स की मौजूदगी ने शो को अंतरराष्ट्रीय पहचान दी है। शो की थीम “कलर्ड जेमस्टोन्स – शेपिंग ड्रीम्स इन एवरी कलर” के बीच ‘पीकॉक रिंग’ भारतीय ज्वेलरी उद्योग की रचनात्मकता, नवाचार और वैश्विक गौरव का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी है।


