यह एक अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना है।
इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना।
प्लीज़ शेयर न्यूज इन ऑल ग्रुप। मानव सेवा के लिए न्याय की उम्मीद में 😔
लापता 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा का शव मिलने से हड़कंप, परिजनों ने लगाया हत्या और पुलिस लापरवाही का आरोप
जयपुर (प्रताप नगर) :
एक तरफ जहां देश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जयपुर के प्रताप नगर इलाके से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रताप नगर निवासी मनीष गर्ग की 15 वर्षीय मासूम बेटी वंशिका, जो स्पार्कल इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा थी, संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते कदम उठाती, तो शायद आज उनकी बेटी जिंदा होती।
⏱️ शाम को लापता हुई बेटी, रातभर भटकता रहा परिवार
परिजनों के अनुसार, यह दर्दनाक दास्तां 5 जून की शाम से शुरू हुई। शाम करीब 7:30 बजे तक जब वंशिका घर नहीं लौटी, तो परेशान माता-पिता और परिजनों ने उसे गली-मोहल्लों और पार्कों में ढूंढना शुरू किया। जब थक-हार गए, तो रात करीब 10:30 बजे प्रताप नगर थाने पहुंचकर एक युवक योगेश मीणा के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। परिजनों को शक था और आखिरी कॉल के आधार पर उन्होंने पुलिस को युवक का नाम भी बताया।
परिजनों का गंभीर आरोप: “पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय हमें रात 12:30 बजे तक थाने में ही रोके रखा और सुबह आने की बात कहकर घर भेज दिया। रातभर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।”
🏢 हाई-प्रोफाइल अपार्टमेंट में मिला शव, बयानों में विरोधाभास
अगले दिन दोपहर करीब 1:00 बजे तक परिवार को अंधेरे में रखा गया। बाद में उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी का शव AIS Residency, B Block (जहां बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के फ्लैट/क्वार्टर हैं) में मिला है।
घटना को लेकर पुलिस के बयानों और सीसीटीवी फुटेज की थ्योरी पर भी परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं:
सीसीटीवी को लेकर संशय: परिजनों का कहना है कि पहले पुलिस ने कहा कि लड़की कैमरों में अपार्टमेंट के भीतर जाती नहीं दिख रही, लेकिन बाद में कहा कि वह शाम 7:30 बजे अंदर जाती दिखी।
सुसाइड की थ्योरी पर सवाल: पुलिस का कहना है कि बालिका ने 13वीं मंजिल से कूदकर जान दी है। वहीं, परिजनों का तर्क है कि यदि वह 13वीं मंजिल से गिरती तो 12वीं मंजिल की बालकनी में ही अटक जाती।
शरीर पर चोट के निशान: परिजनों ने बताया कि बेटी के होंठ और गाल फटे हुए थे और सिर पर गंभीर चोटें थीं, जो किसी अनहोनी और बर्बरता की ओर इशारा करती हैं।
⚖️ “जब तक न्याय नहीं, तब तक शव नहीं उठाएंगे” – रसूखदारों को बचाने की आशंका
पीड़ित पिता मनीष गर्ग और पूरे परिवार को आशंका है कि चूंकि मामला वीआईपी इलाके (AIS Residency) से जुड़ा है, इसलिए रसूखदार लोगों और मुख्य आरोपी व उसके सहयोगियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराकर शव ले जाने के दबाव के बीच, परिवार ने साफ कह दिया है कि “जब तक न्याय नहीं मिलेगा, निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे शव नहीं लेंगे।”
📢 सर्व समाज से न्याय की अपील: आज RUHS हॉस्पिटल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
इस दुखद घड़ी में न्याय की लौ को जिंदा रखने के लिए मनीष गर्ग एवं समस्त गर्ग परिवार ने सर्व समाज और सम्मानित नागरिकों से भावुक अपील की है:
दिनांक और समय: आज, रविवार (07 जून 2026) प्रातः 10:00 बजे से।
स्थान: RUHS हॉस्पिटल, प्रताप नगर, जयपुर।
गर्ग परिवार ने हाथ जोड़कर समाज के हर संवेदनशील नागरिक से अपील की है कि वे भारी संख्या में RUHS हॉस्पिटल पहुंचकर इस शांतिपूर्ण मांग का हिस्सा बनें। आपकी एक उपस्थिति इस टूट चुके परिवार को संबल देगी और एक मासूम बेटी को न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।
— मनीष गर्ग एवं समस्त पीड़ित परिवार +919414391026
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