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असाध्य रोगों में चमत्कारी राहत : हाइपर्बारिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) दे रही है नई उम्मीद

असाध्य रोगों में चमत्कारी राहत : हाइपर्बारिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) दे रही है नई उम्मीद

जयपुर। चिकित्सा विज्ञान में एक विशेष तकनीक – हाइपर्बारिक ऑक्सीजन थेरेपी (Hyperbaric Oxygen Therapy – HBOT) – उन रोगियों के लिए वरदान साबित हो रही है जिनकी पारंपरिक उपचार से बीमारी में कोई विशेष राहत नहीं मिल रही। यह थेरेपी विशेष रूप से गंभीर और जटिल रोगों में कारगर सिद्ध हो रही है, जैसे कि – गहरे जख्म (न भरने वाले घाव), डाइबिटिक फुट, गैंग्रीन, ब्रेन स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, खून का थक्का, सूजन, रेडिएशन के दुष्प्रभाव, सुनने की क्षमता में कमी (Sudden Hearing Loss), एंटी-एजिंग व सेल रिपेयर जैसे कई जटिल रोग।

वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. रमेश अग्रवाल का कहना है कि इस थेरेपी के जरिए शरीर के ऊतकों तक सामान्य से 10 से 15 गुना अधिक ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है, जिससे ऊतक पुनर्जीवित होने लगते हैं और सेलुलर स्तर पर हीलिंग की गति अत्यंत तीव्र हो जाती है।

क्या है HBOT थेरेपी ?

इस उपचार में मरीज को एक विशेष हाइपर्बारिक चेंबर में बैठाया जाता है, जहां लगभग 90 मिनट तक नियंत्रित रूप से बढ़े हुए वायुदाब में शुद्ध ऑक्सीजन दी जाती है। इस प्रक्रिया से शरीर के तरल (प्लाज्मा) में ऑक्सीजन की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है और यह गहराई तक उन ऊतकों में भी पहुंचती है जहां सामान्य ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती।

कैसे काम करती है यह थेरेपी ?

यह नए रक्तवाहिकाओं के निर्माण (Neoangiogenesis) में मदद करती है।

इंफ्लेमेशन (सूजन) को कम करती है।

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त करती है।

घावों को तेजी से भरने में सहायक होती है।

सेलुलर स्तर पर पुनरुद्धार (Regeneration) को बढ़ावा देती है।

डॉ. अग्रवाल के अनुसार, यह थेरेपी न केवल रोगियों को राहत दे रही है बल्कि कई बार उनकी सर्जरी टालने में भी सफल रही है। पश्चिमी देशों में HBOT पहले से ही चिकित्सा मान्यता प्राप्त एक मजबूत सहायक चिकित्सा पद्धति है, जो अब भारत में भी धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है।

संपर्क करें: डॉ. रमेश अग्रवाल

मोबाइल: 9829017133

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