जयपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम’ संपन्न: 277 शिक्षार्थियों ने लिया कड़ा प्रशिक्षण

जयपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम‘ संपन्न: 277 शिक्षार्थियों ने लिया कड़ा प्रशिक्षण

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) राजस्थान क्षेत्र का 20 दिवसीय ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम’ जयपुर के राजा पार्क स्थित आदर्श विद्या मंदिर में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 17 मई से 7 जून तक चले इस कड़े प्रशिक्षण वर्ग में राजस्थान क्षेत्र के 231 स्थानों और महाराष्ट्र के कोंकण प्रांत से आए कुल 277 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह की अध्यक्षता राजस्थान क्षेत्र के माननीय संघचालक और प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश अग्रवाल ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े जाने-माने व्यवसायी एवं समाजसेवी सरदार राजन सिंह (निवासी: जनता कॉलोनी) थे। इस अवसर पर जयपुर प्रांत के माननीय सह-प्रांत संघचालक श्री हेमंत जी सेठिया (इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सक) और जयपुर महानगर के माननीय महानगर संघचालक श्री चैन सिंह (सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में माननीय सर्वाधिकारी अशोक सिंह जी ने मुख्य अतिथि को संत साहित्य भेंट कर उनका स्वागत किया।

देश सेवा के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं का निर्माण
श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बताए गए सात्विक कर्ता के लक्षणों (अहंकारशून्य, धैर्यवान, उत्साही और सफलता-असफलता में निर्विकार रहने वाले) का उल्लेख करते हुए बताया गया कि संघ अपने कार्यकर्ताओं में इन्हीं उत्कृष्ट गुणों का विकास करने के लिए प्रतिवर्ष प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन करता है।
संघ की प्रशिक्षण व्यवस्था के अंतर्गत जिला स्तर पर तीन दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग और सात दिवसीय प्राथमिक शिक्षा वर्ग आयोजित होते हैं। इसके बाद अखिल भारतीय योजना से 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग, फिर क्षेत्र स्तर पर 20 दिवसीय ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम’ और तदुपरांत नागपुर में अखिल भारतीय स्तर पर 25 दिवसीय ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय’ का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। इसी श्रृंखला में इस वर्ष राजस्थान क्षेत्र में कुल 11 वर्ग आयोजित किए जा रहे हैं।
कठिन दिनचर्या और शारीरिक-वैचारिक प्रशिक्षण
वर्ग में शामिल सभी 277 शिक्षार्थी पिछले 20 दिनों से प्रातः 4:00 बजे जागरण से लेकर रात्रि 10:15 बजे तक की कठोर दिनचर्या का पालन कर रहे थे। ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ की सूक्ति का अनुसरण करते हुए शिक्षार्थियों ने प्रतिदिन 4 घंटे शारीरिक का कड़ा अभ्यास किया, जिसका प्रत्यक्ष प्रदर्शन समापन समारोह में उपस्थित नागरिकों के सम्मुख किया गया।
शिक्षार्थियों को संवेदनशील और सेवाभावी बनाने के लिए वर्ग में नियमित रूप से ‘श्रमसाधना’ कराई गई, जिसके तहत सूरज मैदान और आदर्श विद्या मंदिर परिसर की स्वच्छता, वृक्षारोपण, पेड़ों की पुताई और भोजनालय के जैविक कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार करने का कार्य किया गया। इसके साथ ही बौद्धिक सत्रों, चर्चाओं और संवाद के माध्यम से उनके वैचारिक अधिष्ठान को सुदृढ़ किया गया। संकटों का निर्भीकता से सामना करने के लिए ‘खेल महोत्सव’ तथा समाज में आत्मविश्वास जगाने के लिए ‘पथ संचलन’ का भी आयोजन किया गया।
शिक्षार्थियों का वर्ग वर्गीकरण :
इस वर्ग में भाग लेने वाले शिक्षार्थियों में समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व रहा:
महाविद्यालय एवं तकनीकी छात्र: 115
कर्मचारी (विभिन्न सेवाओं में): 97
व्यवसायी: 57
किसान एवं श्रमिक: 8
इस वर्ग को सुचारू रूप से संचालित करने में 40 शिक्षक, 37 प्रबंधक, 21 विभाग प्रमुख और 3 प्रांत प्रमुखों ने पूरे समय उपस्थित रहकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


एकात्मता और समाज का अनुकरणीय सहयोग
‘तने समर्पित, मने समर्पित’ के भाव से शिक्षार्थियों ने न केवल अपना समय दिया, बल्कि वर्ग शुल्क, आवागमन का किराया और गणवेश का व्यय भी स्वयं वहन किया। अलग-अलग क्षेत्रों से आए अपरिचित शिक्षार्थी यहाँ एक परिवार के भाव से रहे।
इस वर्ग की सबसे बड़ी विशेषता समाज का सहयोग रही। जयपुर महानगर के हिंदू समाज के परिवारों से माता-बहनों ने अत्यंत आत्मीयता के साथ दोनों समय अपने हाथों से पूज्य भाव से चपातियां बनाकर भिजवाईं, जिससे शिक्षार्थियों को समरस हिंदू जीवन की प्रत्यक्ष अनुभूति हुई। वर्ग के दौरान क्षेत्र कार्यवाह श्री जसवंत जी खत्री, क्षेत्र सह-कार्यवाह श्री गेंदालाल जी, क्षेत्र प्रचारक श्री निंबाराम जी सहित अन्य वरिष्ठ प्रांतीय व क्षेत्रीय अधिकारियों का पाथेय (मार्गदर्शन) प्राप्त हुआ।
मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों का उद्बोधन
मुख्य अतिथि सरदार राजन सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिंदू समाज के राष्ट्रीय स्वरूप को पहचानकर प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में भारत भक्ति जगाने, राष्ट्रीय सेवा और शील-चरित्र से संपन्न जीवन अपनाने का कार्य निरंतर कर रहा है। उन्होंने परम पूजनीय श्री गुरुजी के विचारों को रेखांकित करते हुए समाज को एकरस और एकात्म बनाने पर बल दिया।
प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं का आभार
कार्यक्रम के अंत में जयपुर महानगर संघचालक श्री चैन सिंह जी ने समापन समारोह में पधारे प्रबुद्धजनों और मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने वर्ग के सफल संचालन में सहयोग देने के लिए:
नगर निगम जयपुर, यातायात विभाग, पुलिस प्रशासन, जलदाय विभाग और विद्युत विभाग का,
इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के साथियों का, आदर्श विद्या मंदिर प्रबंध समिति (परिसर व सूरज मैदान उपलब्ध कराने हेतु),
संत निरंकारी सेवादल एवं आर्य समाज (राजा पार्क), तथा प्रतिदिन भोजन के लिए चपातियां भिजवाने वाली जयपुर की समस्त माता-बहनों का हृदय से आभार प्रकट किया।
दीक्षांत के पश्चात सभी स्वयंसेवक अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने का संकल्प लेकर लौटेंगे।


