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चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे है न्यू एडवांसमेंट्स। जयपुर में होता है असाध्य और कठिन रोगों का आधुनिकतम और नव सृजित तकनीकों से इलाज ।
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स्वास्थ्य के लिए एकजुट हों – विज्ञान का साथ अपनाएँ

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026: राजस्थान अस्पताल में पोस्टर विमोचन एवं जागरूकता कार्यक्रम

“स्वास्थ्य के लिए एकजुट हों – विज्ञान का साथ अपनाएँ” विषय पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार।

एकजुटता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संकल्प

जयपुर, 7 अप्रैल 2026: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा घोषित इस वर्ष की थीम को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आज राजस्थान अस्पताल में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अस्पताल के चेयरमैन डॉ. एस.एस. अग्रवाल द्वारा आधिकारिक पोस्टर के विमोचन के साथ हुआ। उपस्थित सभी चिकित्सा विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं को एक ‘जन-आंदोलन’ बनाने का संकल्प लिया।

प्रमुख विशेषज्ञों के मुख्य विचार

1. नेतृत्व का संदेश : प्रमाण आधारित चिकित्सा

डॉ. एस.एस. अग्रवाल (चेयरमैन): “स्वास्थ्य का भविष्य केवल विज्ञान और अनुसंधान पर निर्भर है। हमें भ्रामक सूचनाओं से बचकर वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने होंगे।”

डॉ. सर्वेश अग्रवाल (वाईस प्रेसिडेंट): “टीकाकरण और डिजिटल हेल्थ जैसे वैज्ञानिक नवाचारों को हर नागरिक तक पहुँचाना हमारा लक्ष्य है।”

मेजर जनरल डॉ. विजय सरस्वत (CEO): “स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भोजन ही भविष्य में रोगों की रोकथाम का आधार हैं।”

2. जीवनशैली और गंभीर रोग प्रबंधन

डॉ. रविंदर सिंह राव (हार्ट सेण्टर): हृदय रोगों से बचने के लिए वैज्ञानिक जीवनशैली—संतुलित आहार, व्यायाम और नियमित जांच—अनिवार्य है।

डॉ. वीरेंद्र सिंह (प्रेसिडेंट): वायु प्रदूषण फेफड़ों के लिए बड़ी चुनौती है; मास्क और स्वच्छ वायु अभियान को जन-आंदोलन बनाना होगा।

डॉ. शीतू सिंह (लंग सेण्टर) एवं डॉ. मधुर जोशी: श्वसन रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण और समय पर वैज्ञानिक जांच ही सबसे प्रभावी उपाय हैं।

3. विशिष्ट चिकित्सा परामर्श

डॉ. राघव शाह (मानसिक रोग विशेषज्ञ): “मानसिक रोगों को अंधविश्वास से न जोड़ें; इन्हें चिकित्सा विज्ञान के नजरिए से समझें और उपचार कराएं।”

डॉ. वीणा आचार्य (स्त्री रोग विशेषज्ञ): महिलाओं के लिए नियमित स्क्रीनिंग और टीकाकरण एक स्वस्थ समाज की नींव है।

डॉ. दिनेश माथुर (चर्म रोग विशेषज्ञ): त्वचा की देखभाल में घरेलू नुस्खों के बजाय केवल प्रमाणित वैज्ञानिक उत्पादों का ही उपयोग करें।

4. तकनीकी प्रगति और स्वास्थ्य

डॉ. शरद डागा (सर्जन): आधुनिक सर्जरी और तकनीक के समन्वय से अब जटिल रोगों का सटीक उपचार संभव है।

डॉ. विक्रम बोहरा (न्यूरोलॉजिस्ट): तंत्रिका तंत्र के लक्षणों को नजरअंदाज न करें; शीघ्र वैज्ञानिक उपचार विकलांगता को रोक सकता है।

डॉ. अरविंद गुप्ता (एंडोक्रिनोलॉजिस्ट): मधुमेह और हार्मोन संबंधी चुनौतियों के लिए नियंत्रित आहार और वैज्ञानिक जीवनशैली आवश्यक है।

डॉ. डी.के. जैन (जनरल फिजिशियन) एवं डॉ. एस.एस. सोनी (आर्थोपेडिशियन): नियमित स्वास्थ्य जांच और सही पोषण को दैनिक जिम्मेदारी बनाएँ।

कार्यक्रम के अंत में सभी विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा :

“स्वास्थ्य केवल उपचार नहीं, बल्कि विज्ञान आधारित जीवनशैली है। जब समाज विज्ञान के साथ खड़ा होगा, तभी स्वस्थ भविष्य का निर्माण संभव होगा।”

डॉ. दिनेश माथुर

सम्पर्क: 9829061176

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