ISHLT-25 : हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट पर विशेषज्ञों का मंथन

ISHLT-25 : हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट पर विशेषज्ञों का मंथन

जयपुर। हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंडियन सोसायटी फॉर हार्ट एंड लंग्स ट्रांसप्लांटेशन की तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ शुक्रवार को जयपुर में हुआ। इसमें देश-विदेश के कार्डियोलॉजिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट, कार्डियो-थोरेसिक सर्जन और ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ नई तकनीकों और चुनौतियों पर मंथन किया।

दिल्ली के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप सेठ ने कहा कि हर हार्ट फेलियर मरीज को ट्रांसप्लांट की जरूरत नहीं होती। “देश के 50 हजार हार्ट फेलियर मरीजों में से केवल 2500 मरीज ही ऐसे हैं जिन्हें वास्तव में ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। शुरुआती अवस्था में सही इलाज और जीवनशैली बदलाव से दिल को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।”

आयोजन सचिव डॉ. राजकुमार यादव ने कहा कि अंगदान के प्रति समाज को जागरूक करना बेहद जरूरी है। “ब्रेन डेड मरीज के परिजनों द्वारा अंगदान की सहमति हजारों मरीजों को नया जीवन दे सकती है।”

आयोजन अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने चेताया कि प्रदूषण और तंबाकू सेवन के कारण राजस्थान में सीओपीडी (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मरीज सबसे ज्यादा हैं। “देश के कुल सीओपीडी मरीजों में एक-तिहाई राजस्थान से हैं। बीड़ी और तंबाकू का अत्यधिक सेवन इसकी प्रमुख वजह है।”
अमेरिका से आए विशेषज्ञ डॉ. निकोलस कोलाइटिस ने बताया कि अब अंग रिजेक्शन की रोकथाम के लिए सेल-फ्री डीएनए टेस्टिंग मशीन उपलब्ध हो गई है, जो ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की मॉनिटरिंग में नई उम्मीद जगाती है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए कहा – “हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट उन मरीजों के लिए जीवनदान है, जो मौत से संघर्ष कर रहे हैं। इसके लिए राजस्थान के बड़े अस्पतालों – एसएमएस जयपुर, एसपी मेडिकल कॉलेज जोधपुर, एम्स जोधपुर, जेएलएन अजमेर, आरएनटी उदयपुर, बीकानेर और कोटा – में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की जरूरत है।” उन्होंने आह्वान किया कि अंगदान को रक्तदान और नेत्रदान की तरह सामाजिक आंदोलन बनाया जाना चाहिए।
इस कॉन्फ्रेंस में हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट से जुड़े न केवल क्लीनिकल मैनेजमेंट पर बल्कि भविष्य की मेडिकल रिसर्च और नई तकनीकों पर भी गहन विचार-विमर्श हो रहा है। यह आयोजन न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव की बात है।



