जयपुर, 19 सितंबर 2025 :
नर्चिकॉन 2025 – मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में नई क्रांति का सूत्रपात
जयपुर में 19 सितंबर 2025 से शुरू हुआ नर्चिकॉन 2025 सम्मेलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई क्रांति लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह आयोजन नेशनल एसोसिएशन फॉर रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ ऑफ इंडिया (NARCHI) द्वारा ‘माँ और शिशु स्वास्थ्य में नवाचार: शोध से व्यवहार तक’ थीम पर आधारित है।
प्रमुख विशेषताएँ
भव्य शुभारंभ : स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में मुख्य अतिथि श्री नरेश गोयल (आईएएस) ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस दौरान आयोजन अध्यक्ष डॉ. वीणा आचार्य और सीईओ श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


अंतरराष्ट्रीय सहयोग : इस सम्मेलन की सबसे बड़ी खासियत विभिन्न देशों से आए विशेषज्ञों की भागीदारी रही।
फोर्टिस अस्पताल में हुई यूरोगायनी वर्कशॉप में डॉ. जगदीश गांधी (लंदन) और डॉ. उल्या (रूस) जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भारतीय चिकित्सकों को वैश्विक तकनीक और अनुभव से रूबरू कराया।
पहले दिन जयपुर के नौ प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। इनमें लैप्रोस्कोपिक रोबोटिक सर्जरी, नवजात पुनर्जीवन, यूरोगायनी, इनफर्टिलिटी, और फीटल मेडिसिन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।
भविष्य की ओर एक कदम : इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के माध्यम से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम पर जोर दिया गया। यह इस बात का संकेत है कि भविष्य में चिकित्सा और तकनीक का समन्वय और गहरा होगा।
प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान : सम्मेलन में सिर्फ चर्चा ही नहीं, बल्कि हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सत्रों पर भी खास जोर रहा। नवजात शिशु की देखभाल, स्तनपान को बढ़ावा देने और उन्नत जीवन सहायता तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे चिकित्सकों की क्षमता में और वृद्धि होगी।
संदेश : नर्चिकॉन 2025 ने शोध, तकनीक, और व्यवहारिक प्रशिक्षण के संगम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
पहले ही दिन जयपुर के प्रतिष्ठित संस्थानों में नौ विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की गईं –
• लैप्रोस्कोपिक रोबोटिक सर्जरी (म.ग. मेडिकल कॉलेज) – डॉ. उषा शेखावत व टीम
• नवजात पुनर्जीवन (म.ग. अस्पताल) – डॉ. रूपेश मसन्द
• ऑब्सट्रेटिक ड्रिल्स (महिला चिकित्सालय) – डॉ. सीमा मेहता डॉ. मधुलिका अग्रवाल
• यूरोगायनी (फोर्टिस अस्पताल) – डॉ. दीपा मसन्द और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ
• इनफर्टिलिटी (RIC) – डॉ. गुंजन जैन, डॉ. नीलम बाफना
• फीटल मेडिसिन (RIC) – डॉ. सी.के. गर्ग, डॉ. सोनल गौर
• कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी (RIC)
• प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम (राज. अस्पताल) – डॉ. प्रिया गणेश, डॉ. वीणा आचार्य
• एआई आधारित कैंसर रोकथाम कार्यशाला – डॉ. रंजना देसाई
इन कार्यशालाओं ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की चुनौतियों के विभिन्न आयामों को कवर किया।
नवीन तकनीक की जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया
विशेष सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, किशोर स्वास्थ्य, और प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी पर गहन चर्चा हुई।
साथ ही हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सत्रों में नवजात पुनर्जीवन, स्तनपान सहयोग, सार्वभौमिक टीकाकरण और एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट तकनीक पर प्रशिक्षण दिया गया।
भविष्य की योजनाएँ
सम्मेलन में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि आने वाले समय में –
• शोध और व्यवहारिक चिकित्सा का और गहरा समन्वय होगा।
• गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम हेतु एआई और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। संपर्क सूत्र 9829061176
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