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नार्चीकॉन 2025 की शुरुआत, उद्घाटन से पहले प्रेरणादायी सीएमई सत्र

नार्चीकॉन 2025 की शुरुआत, उद्घाटन से पहले प्रेरणादायी सीएमई सत्र

जयपुर, 18 सितम्बर 2025।

सम्मेलन का मुख्य विषय: “गर्भ से विकास तक – प्लेसेंटा से वयस्क जीवन तक”

राष्ट्रीय प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य संघ (NARCHI) के 16वें विश्व सम्मेलन और 24वें राष्ट्रीय सम्मेलन (NARCHICON 2025) की पूर्व संध्या राजस्थान हॉस्पिटल में आयोजित कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) सत्र के साथ हुई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुब्रत डॉन रहे, जिन्होंने नार्ची के संस्थापक डॉ. सी.एस. डॉन के योगदान को याद किया।

इस वर्ष डॉ. सी.एस. डॉन की जन्मशताब्दी और नार्ची की स्वर्ण जयंती एक साथ मनाई जा रही है, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक महत्व का बन गया है।

डॉ. डॉन ने कहा कि नार्ची ने अपने संस्थापक की दृष्टि को साकार किया है, जहाँ जमीनी स्तर पर काम करने वाले डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सशक्त बने हैं।

ICMCH की भूमिका

डॉ. वीना आचार्य, चेयरपर्सन – भारतीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य महाविद्यालय (ICMCH), ने संस्था की शैक्षणिक उपलब्धियां बताईं।

कॉलेज ने वर्षों से स्त्रीरोग विशेषज्ञों, प्रसूति विशेषज्ञों, आयुष चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के लिए डिप्लोमा और फेलोशिप पाठ्यक्रम तैयार किए हैं।

इन कार्यक्रमों में प्रसवपूर्व देखभाल, सुरक्षित प्रसव, प्रजनन स्वास्थ्य, बांझपन उपचार, भ्रूण चिकित्सा और निवारक कैंसर विज्ञान जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

हजारों स्वास्थ्यकर्मी इन संरचित प्रशिक्षणों से लाभान्वित होकर समुदाय स्तर पर बेहतर सेवाएं दे पा रहे हैं।

महिलाओं और समुदायों को सशक्त बनाना

नार्ची और ICMCH ने मिलकर महिलाओं के स्वास्थ्य व सशक्तिकरण में बड़ी भूमिका निभाई है।

एनीमिया रोकथाम, एचपीवी टीकाकरण और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जांच जैसे अभियानों ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को घटाने में अहम योगदान दिया।

इन प्रयासों ने मजबूत परिवार और स्वस्थ समुदायों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया है।

सम्मेलन का मुख्य विषय: “गर्भ से विकास तक – प्लेसेंटा से वयस्क जीवन तक”

यह विषय जीवन की संपूर्ण यात्रा को गर्भ से लेकर वयस्कता तक जोड़ने का संदेश देता है।

इसका उद्देश्य है –मातृ एवं भ्रूण स्वास्थ्य को एक साथ समझना।

प्रसव से पहले, दौरान और बाद की देखभाल को एकीकृत करना।

वयस्क जीवन की बीमारियों की जड़ें गर्भावस्था और बचपन में खोजने पर जोर देना।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस विषय से मेडिकल साइंस को नई दिशा मिलेगी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार होगा।

सीएमई में डॉ. नीलम जैन, डॉ. मधुलिका अग्रवाल, डॉ. तरु छाया, डॉ. उषा शेखावत, डॉ. दीपा मसंद और डॉ. वरुण शर्मा सहित कई विशेषज्ञों ने भाग लिया।

इस तरह उद्घाटन की पूर्व संध्या पर हुए सीएमई ने NARCHICON 2025 को ऐतिहासिक शुरुआत दी, जहाँ विज्ञान, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का समन्वय आने वाले वर्षों के लिए नए मानक तय करेगा।

संपर्क सूत्र डॉ दिनेश माथुर मो 9829061176

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