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चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे है न्यू एडवांसमेंट्स। जयपुर में होता है असाध्य और कठिन रोगों का आधुनिकतम और नव सृजित तकनीकों से इलाज ।
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जयपुर में विश्वस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सम्मेलन

जयपुर में विश्वस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सम्मेलन

19 से 21 सितम्बर 2025, देश–विदेश के विशेषज्ञ करेंगे सहभागिता

डॉ वीणा आचार्य
डॉ सोनम गौड़ 
डॉ नीलम बाफना
डॉ वरुण

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 19 से 21 सितम्बर 2025 तक विश्वस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन की अध्यक्षता राजस्थान अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वीणा आचार्य करेंगी, जो नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ ऑफ इंडिया (ICMCH) की चेयरपर्सन भी हैं। सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों से 150 से अधिक विशेषज्ञों के साथ-साथ 15 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी भाग लेंगे।

वैज्ञानिक अध्यक्ष

महात्मा गांधी अस्पताल की डॉ. उषा शेखावत और जेएनयू अस्पताल की डॉ. दीपा मसंद इस सम्मेलन की साइंटिफिक चेयरपर्सन होंगी। उन्होंने बताया कि तीन दिनों तक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े नवीनतम शोध, चुनौतियों और समाधानों पर विस्तृत चर्चा होगी।

आयोजन सचिव

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. तरु छाया एवं डॉ. मधुलिका आयोजन सचिव हैं। उनके अनुसार, सम्मेलन के पहले दिन 19 सितम्बर को 10 से अधिक कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जिनमें विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ प्रायोगिक प्रशिक्षण देंगे।

प्रमुख कार्यशालाएं निम्न होंगी।

1. बांझपन (Infertility) कार्यशाला

संयोजक : डॉ. गुंजन जैन, डॉ. अनीता शर्मा, डॉ. नीलम बाफना

उद्देश्य: महिलाओं में बांझपन के कारण, आधुनिक उपचार विधियां एवं नई तकनीकों पर चर्चा।

2. सोनोग्राफी एवं फिटल मेडिसिन

संयोजक: डॉ. चंद्रकांत गर्ग, डॉ. सोनम गोद, डॉ. अपार माथुर

विशेष आकर्षण: लाइव डमी ट्रेनिंग द्वारा भ्रूण में विकृतियों की समय रहते पहचान और उपचार।

3. एस्थेटिक एवं महिला विकृतियां

उद्देश्य: महिलाओं में होने वाली शारीरिक विकृतियों पर नवीनतम शल्यक्रिया और सौंदर्य उपचार तकनीक।

4. मातृ मृत्यु दर नियंत्रण

संयोजक: डॉ. सीमा मेहता, डॉ. आशा वर्मा

विषय: प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (PPH), उच्च रक्तचाप और अन्य प्रमुख कारणों से मातृ मृत्यु की रोकथाम।

5 . प्रीवेंटिव कैंसर कार्यशाला

संयोजक: डॉ. वीणा आचार्य, डॉ. अंशु पाटोदिया, डॉ. प्रियंका

विशेष वक्ता: डॉ. प्रिया गणेश (मुंबई)

विषय: महिलाओं में कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान और रोकथाम।

6. एंडोस्कोपी एवं लैप्रोस्कोपी वर्कशॉप

संयोजक: डॉ. विजय नाहटा, डॉ. फरेंद्र, डॉ. कल्पना (महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज)

विषय: दूरबीन से ऑपरेशन द्वारा त्वरित और सटीक निदान।

7. नर्स एवं पैरामेडिकल ट्रेनिंग

संयोजक: डॉ. नीलम जैन (जयपुर), डॉ. अनीता सभरवाल (दिल्ली)

सहभागिता: 100 से अधिक नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ

उद्देश्य: मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने हेतु प्राथमिक जिम्मेदार स्टाफ को प्रशिक्षित करना।

8. बाल स्वास्थ्य कार्यशाला

संयोजक : डॉ. धनंजय मंगल, डॉ. दीपचंद, डॉ. वरुण

विषय: बच्चों की समस्याओं पर नवीनतम शल्य चिकित्सा एवं उपचार।

9. इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी

विशेषज्ञ: डॉ. अमोल नवलेकर

विषय : नई तकनीकी विधियों द्वारा प्रसव के दौरान होने वाले अत्यधिक रक्तस्राव पर नियंत्रण।

सम्मेलन में देश–विदेश के विशेषज्ञों द्वारा लाइव वर्कशॉप, प्रायोगिक प्रशिक्षण और शोधपत्र प्रस्तुति होगी।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने, बांझपन, कैंसर की रोकथाम, बाल स्वास्थ्य और आधुनिक प्रसूति-स्त्री रोग शल्यक्रियाओं पर विशेष सत्र का आयोजन होगा।

आयोजन अध्यक्ष डॉ. वीणा आचार्य का कहना है—

“हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टरों तक ज्ञान सीमित करना नहीं है, बल्कि नर्सिंग, पैरामेडिकल और आयुष चिकित्सकों को भी प्रशिक्षित कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है। आने वाली पीढ़ी के चिकित्सकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना इस सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।”

संपर्क सूत्र मो : 9829061176

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