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नया वर्ष 2026 लाएगा आंगन में खुशियां : आधुनिक मेडिकल साइंस से अब निसंतानता का समाधान संभव

नया वर्ष 2026 लाएगा आंगन में खुशियां : आधुनिक मेडिकल साइंस से अब निसंतानता का समाधान संभव

डॉ. अरुणा कुंद्रा बामनिया, पूर्व चिकित्सक — महिला चिकित्सालय SMS अस्पताल, जयपुर

आधुनिक जीवनशैली के कारण निसंतानता (Infertility) आज तेजी से बढ़ती हुई समस्या बनती जा रही है। एसएमएस अस्पताल महिला चिकित्सालय की पूर्व चिकित्सक डॉ. अरुणा कुंद्रा बामनिया का कहना है कि देर से विवाह करना, तनावपूर्ण दिनचर्या, प्रदूषण, अनियमित खानपान और बढ़ती उम्र प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि निसंतानता केवल महिलाओं में ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी समान रूप से पाई जाती है।

महिलाओं में अंडे का समय पर विकसित न होना, हार्मोनल असंतुलन, फैलोपियन ट्यूब का ब्लॉक होना, पीसीओडी जैसी समस्याएँ आम कारण हैं। वहीं पुरुषों में स्पर्म काउंट कम होना, स्पर्म की गुणवत्ता में कमी और लाइफस्टाइल संबंधी कारण बड़ी वजह बने हुए हैं।

डॉ. कुंद्रा बामनिया ने बताया कि मेडिकल साइंस की प्रगति ने संतान सुख को पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल बना दिया है।

आज उपलब्ध आधुनिक तकनीकें —

IUI (Intra Uterine Insemination) और

IVF (In Vitro Fertilization)

कई दंपतियों के लिए आशा की किरण बन रही हैं।

IUI में स्वाभाविक गर्भधारण की संभावना को बढ़ाया जाता है, जबकि IVF में अंडाणु और शुक्राणु को प्रयोगशाला में मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है और गर्भाशय में स्थापित किया जाता है। दोनों तकनीकें सुरक्षित, प्रमाणित और सफलतापूर्वक हजारों माता-पिता को संतान प्राप्ति का सुख दे रही हैं।

उन्होंने दंपतियों से आग्रह किया कि समस्या होने पर संकोच न करें और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लें, क्योंकि समय पर जांच और उपचार से निसंतानता का समाधान पूरी तरह संभव है।

सम्पर्क सूत्र डॉ अरुणा मो +919413556150

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