जयपुर क्रिटिकॉन 2025 : गहन चिकित्सा विशेषज्ञों का संगम

जयपुर क्रिटिकॉन 2025 : गहन चिकित्सा विशेषज्ञों का संगम
देश-विदेश के 400 से अधिक डेलीगेट्स ने लिया भाग
जयपुर | इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन (ISCCM) जयपुर शाखा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “जयपुर क्रिटिकॉन 2025” का भव्य आयोजन हुआ।

इस सम्मेलन के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. निखिल अजमेरा, ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. मोहित के. राय और ट्रेज़रर डॉ. चंद्रा एस. गौड़ रहे।
कार्यक्रम में देश-विदेश से आए 400 से अधिक डेलीगेट्स और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर से दुबई के डॉ. सुनील चौधरी, डॉ. वसीम साबिर, डॉ. माधवी तेलंग, तथा अमेरिका के डॉ. प्रणव शर्मा विशेष रूप से सम्मिलित हुए।
भारत के विभिन्न शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, अहमदाबाद, हैदराबाद, हरियाणा, नागपुर व गुरुग्राम से भी वरिष्ठ चिकित्सक एवं फैकल्टी उपस्थित रहे।
कॉन्फ्रेंस में क्रिटिकल केयर क्षेत्र से जुड़े विविध विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिनमें ICU प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, पोस्ट ऑपरेटिव पल्मोनरी फंक्शन में गिरावट, और वेंटिलेटर लीक जैसी आपात स्थितियों के समाधान शामिल थे। कई शोध-पत्र भी प्रस्तुत किए गए।
जयपुर क्रिटिकॉन 2025 में प्रस्तुत प्रमुख शोध विषय
गहन चिकित्सा से जुड़े कई नवीन और उपयोगी शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें प्रमुख विषय इस प्रकार रहे।
1. एफिकेसी एंड सेफ्टी ऑफ ओरल एस ऐज़ एन एडजंक्ट टू इंट्रावेनस वेसोप्रेशर्स इन क्रिटिकली इल पेशेंट्स विद हाइपरटेंशन –
गंभीर अवस्था वाले हाइपरटेंसिव मरीजों में ओरल दवा के साथ वेसोप्रेशर्स की संयुक्त प्रभावशीलता और सुरक्षा का मूल्यांकन।
2. रैंडमाइज़्ड कंट्रोल ट्रायल ऑफ नॉर्मल सलाइन वर्सेज ट्रानेक्सेमिक एसिड इन फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी –
ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव को कम करने हेतु दोनों द्रवों की तुलना।
3. रिट्रोस्पेक्टिव केस-कंट्रोल स्टडी ऑन हॉस्पिटलाइज्ड स्क्रब टाइफस पेशेंट्स –
स्क्रब टाइफस संक्रमण के नैदानिक लक्षणों, जटिलताओं और उपचार के नए पैटर्न का अध्ययन।
4. पोस्ट-ऑपरेटिव पल्मोनरी फंक्शन
डिक्लाइन एंड इट्स रोल इन प्रेडिक्टिंग पल्मोनरी कॉम्प्लिकेशंस आफ्टर अपर एब्डॉमिनल सर्जरी – सर्जरी के बाद फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी से संभावित जटिलताओं का पूर्वानुमान।
5. वेंटिलेटर लीक मिस्ट्री :
व्हेन ए फॉल्टी पीटीटी प्रेजेंट्स ऐज अ क्लिनिकल क्राइसिस – वेंटिलेटर से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों से उत्पन्न चिकित्सीय आपात स्थितियों की पहचान और समाधान।
6. एआई इन क्रिटिकल केयर –
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से आईसीयू मरीजों की देखभाल और निर्णय प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने की संभावनाओं पर चर्चा।
डॉ. निखिल अजमेरा ने कहा कि जयपुर क्रिटिकॉन 2025 का उद्देश्य गहन चिकित्सा के क्षेत्र में नए विचार, नवाचार और ज्ञान का आदान-प्रदान करना है। डॉ. मोहित राय ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, फैकल्टी और प्रायोजकों का आभार व्यक्त किया।
यह सम्मेलन अकादमिक उत्कृष्टता के मंच के साथ राजस्थान में क्रिटिकल केयर समुदाय को एकजुट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।



