जेएलएफ 2026: शतरंज की चालों से लेकर ब्रह्मांड के रहस्यों तक, दूसरे दिन विचारों का महाकुंभ
जयपुर, : गुलाबी नगरी के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित ‘वेदांता जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026’ का दूसरा दिन बौद्धिक विमर्श, कला और नवाचार के नाम रहा। खेल, यात्रा, इतिहास और विज्ञान जैसे विविध विषयों पर हुए सत्रों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शतरंज के ‘लाइटनिंग किड‘ और शब्दों के जादूगर

दिन की शुरुआत राजस्थानी लोक गायिका भंवरी देवी के सुरीले स्वरों के साथ हुई। इसके बाद ‘लाइटनिंग किड’ सत्र में विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “आपको जीवन में एक काम ऐसा जरूर करना चाहिए जिसे आप जुनून के साथ करें, भले ही उसके लिए आपको पैसे न मिलें।” आनंद ने अपनी सफलता में अपनी माँ के योगदान और खेल के दबावों पर खुलकर चर्चा की।
ब्रिटिश अभिनेता और लेखक स्टीफन फ्राई ने अपने सत्र ‘ए बिट ऑफ फ्राई’ में भाषा और हास्य के प्रति अपने प्रेम को साझा किया। उन्होंने ऑस्कर वाइल्ड के प्रभाव और सोशल मीडिया के दौर में विचारों की शक्ति पर चर्चा करते हुए भाषा को ‘मुक्ति का मार्ग’ बताया।
इतिहास, यात्रा और विज्ञान का संगम
इतिहास के पन्नों को पलटते हुए हरलीन सिंह और अनीता आनंद ने औपनिवेशिक पंजाब की महिलाओं के अनकहे इतिहास पर चर्चा की। सिंह ने बताया कि कैसे आम महिलाओं का इतिहास लोककथाओं और पाक विधियों में बिखरा हुआ है।
वहीं, विज्ञान के सत्र ‘गॉड पार्टिकल’ में सर्न (CERN) की वैज्ञानिक अर्चना शर्मा और खगोलशास्त्री गेरेंट लुईस ने ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाया। अर्चना शर्मा ने जोर देकर कहा कि आज की हर खोज कल के लिए एक उत्प्रेरक है।
महत्वपूर्ण घोषणाएं और सम्मान
उत्सव के दौरान ‘जेएलएफ’ के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की घोषणा की गई। अब यह फेस्टिवल 22-31 मई 2026 तक आयरलैंड में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, अमृतसर में होने वाले ‘द सेक्रेड अमृतसर फेस्टिवल’ की तारीखों (20-22 फरवरी 2026) का भी ऐलान हुआ, जिसमें कैलाश खेर और उषा उत्थुप जैसे कलाकार शामिल होंगे।
कला के क्षेत्र में, छत्तीसगढ़ के मुरिया जनजाति के कलाकार पिसदु राम मंडावी को ‘ओजस आर्ट अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। वे पूरे पांच दिन फेस्टिवल में लाइव आर्ट का प्रदर्शन करेंगे।

अगले दिन (डे 3) सुधा मूर्ति, गौर गोपाल दास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित सत्रों का विशेष आकर्षण रहेगा।

