बजट स्वस्थ भारत’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम : डॉ एस एस अग्रवाल

केंद्रीय बजट 2026-27 पर स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप और राजस्थान हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. एस.एस. अग्रवाल ने अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बजट को ‘स्वस्थ भारत’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है।
1. पारंपरिक चिकित्सा और वैश्विक पहचान
डॉ. अग्रवाल ने आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पर बजट के फोकस की सराहना की है। 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना और जामनगर में WHO के सहयोग से पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की शुरुआत भारत को वैश्विक स्तर पर ‘वेलनेस हब’ के रूप में स्थापित करेगी।
2. स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विस्तार
बजट में जिला अस्पतालों की क्षमता में 50% की वृद्धि और वहां इमरजेंसी व ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने का निर्णय जमीनी स्तर पर चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करेगा। उत्तर भारत में NIMHANS-2 की स्थापना मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
3. मेडिकल टूरिज्म और क्षेत्रीय हब
देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की योजना से भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘मेडिकल टूरिज्म’ का केंद्र बनेगा। इससे न केवल विदेशी मुद्रा आएगी, बल्कि उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं भी सुलभ होंगी।
4. कुशल जनशक्ति (Manpower) पर जोर
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, अगले 5 वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) की नियुक्ति और 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर पैदा करेगा और डॉक्टरों पर बोझ कम करेगा।
5. दवाओं की सुलभता और शोध
17 कैंसर दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को सीमा शुल्क (Import Duty) से मुक्त करना मरीजों के लिए बड़ी राहत है। साथ ही, 3 नए बायो-फार्मा संस्थानों की स्थापना से दवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
अग्रवाल का मानना है कि यह बजट बुनियादी ढांचे, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान का एक सटीक मिश्रण है, जो भविष्य में भारत को एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा।


