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विकसित भारत ‘जी-राम-जी’ विधेयक: अब 100 के बजाय मिलेंगे 125 दिन का रोजगार

विकसित भारत ‘जी-राम-जी’ विधेयक : अब 100 के बजाय मिलेंगे 125 दिन का रोजगार

जयपुर (हेल्थ इंडिया टुडे): ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने रोजगार गारंटी कानून को नया स्वरूप प्रदान किया है। पीआईबी जयपुर द्वारा आयोजित मीडिया सम्मेलन में ग्रामीण विकास विभाग की सचिव पुष्पा सत्यानी और उप मुख्य श्रम आयुक्त निरंजन कुमार ने महत्वपूर्ण संशोधनों और नई श्रम संहिताओं पर चर्चा की।

ग्रामीण रोजगार में बड़े बदलाव

विकसित भारत ‘जी-राम-जी’ (G-RAM-G) के तहत पुरानी मनरेगा योजना को अधिक विकासोन्मुख बनाया गया है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

कार्य दिवसों में वृद्धि : अकुशल कामगारों के लिए श्रम दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है।

फसल सीजन का ध्यान : विधेयक में बुवाई और कटाई के 60 दिनों को अधिसूचित किया गया है, ताकि श्रमिकों की आय में वृद्धि हो सके।

बेरोजगारी भत्ता : फॉर्म-6 भरने के बाद यदि 15 दिनों तक काम नहीं मिलता है, तो श्रमिक को बेरोजगारी भत्ता पाने का अधिकार होगा।

पीएम गति शक्ति से जुड़ाव: रोजगार गारंटी को अब पीएम गति शक्ति मिशन से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का तेजी से विकास होगा।

1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी 4 नई श्रम संहिताएं

उप मुख्य श्रम आयुक्त निरंजन कुमार ने जानकारी दी कि देश के 29 पुराने श्रम कानूनों को समाहित कर 4 नई श्रम संहिताएं (Labour Codes) तैयार की गई हैं।

लागू होने की तिथि : ये संहिताएं 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी।

उद्देश्य : इनका मुख्य लक्ष्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना और श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना है।

जरूरत : औद्योगिक वृद्धि के वर्तमान परिवेश को देखते हुए पुराने कानूनों में बदलाव आवश्यक हो गया था।

ग्राम पंचायतों की भूमिका और निगरानी

राजस्थान सरकार के अधीक्षण अभियंता आई. पी. अग्रवाल ने बताया कि नई व्यवस्था में भी ग्राम पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी:

कार्य क्षेत्र : जल सुरक्षा, मूलभूत अवसंरचना और प्रतिकूल मौसम के प्रभावों को कम करने वाले कार्यों पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

विभागीय समन्वय : विकास कार्यों में अन्य सरकारी विभागों की भागीदारी को पहले से अधिक बढ़ाया जाएगा।

पारदर्शिता : सभी विकास कार्यों की निगरानी सोशल ऑडिट टीम के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।

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