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सूरत में छह दिन के ब्रेनडेड शिशु के पांच अंगों से मिली नई जिंदगियां। 

अहमदाबाद।

सूरत में छह दिन के ब्रेनडेड शिशु के पांच अंगों से मिली नई जिंदगियां।

अंगदान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए

बच्चे का लिवर, दो किडनी और दो आंखें दान की गई।

इतनी कम उम्र में अंगदान का यह देश में तीसरा मामला बताया जा रहा है।

सूरत की मनीषा ठुमर ने 23 सितंबर को सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन शिशु की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण सूरत के डायमंड अस्पताल में ले जाया गया।

वहां भी बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने 27 सितंबर को बच्चे को ब्रेनडेड घोषित कर दिया।

चिकित्सकों ने बच्चे की मां मनीषा और पिता मयूर तुंमर सहित परिजनों को अंगदान के लिए राजी किया।

परिवार वालों की सहमति मिलने पर गुजरात सरकार की संस्था सोटो से संपर्क किया गया। सोटो संस्था के निर्देश पर परी का लिवर मुंबई की नानावटी अस्पताल में, दोनों किडनी अहमदाबाद की IKDRC अस्पताल को और दोनो नेत्रों का दान सूरत की लोक दृष्टि चक्षु बैंक को दिया गया।

जीवनदीप ऑर्गन डोनेशन संस्था के विपुल भाई ने बताया की परी के अंगो को अहमदाबाद और मुंबई भेजने के लिए डायमंड अस्पताल से सूरत रेलवे स्टेशन तक ले जाने के लिए ग्रीन कोरिडोर बनाया गया था और सिर्फ 7 मिनट में पहुंचाया गया।

छह दिन की परी का लिवर सूरत के ही एक 14 माह के लड़के में लगाया गया।

अहमदाबाद के एक 10 वर्षीय बच्चे में दोनों किडनी का ट्रांसप्लांट किया गया। जीवनदिप ऑर्गन डोनेशन संस्था 100 घंटे के बच्चे का और 120 घंटे के बच्चे का भी अंगदान करा चुकी है।

संस्था ने संदेश यह दिया कि जब हमारा शरीर मरने के बाद भी किसी की जिंदगी बचा सकता है तो हम अंगदान से पीछे क्यों रहे शरीर तो वैसे भी जल के राख हो जाना है। आत्मा अमर है उसको नया शरीर मिलेगा। इसलिए संकल्प लें कि हम अंगदान करेंगे और अन्य को प्रेरित करेंगे।

 

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