तकनीक से डॉक्टर ‘कुशल’ बनते हैं, संवेदनशीलता से ‘महान’ – डॉ. दिनेश माथुर

तकनीक से डॉक्टर ‘कुशल’ बनते हैं, संवेदनशीलता से ‘महान’ – डॉ. दिनेश माथुर
CUTICON सम्मेलन में डॉ. माथुर ‘गुरु रत्न सम्मान’ से सम्मानित, पुस्तक ‘Skin Compass’ का भी विमोचन
बीकानेर। चिकित्सा जगत में नवाचार, अनुसंधान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने के साथ वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव, चिकित्सा नैतिकता और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता को बनाए रखना आवश्यक है। “तकनीक आपको कुशल चिकित्सक बना सकती है, लेकिन संवेदनशीलता ही आपको महान चिकित्सक बनाती है।”

यह विचार राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर एवं वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश माथुर ने बीकानेर में आयोजित IADVL के 47वें राज्य स्तरीय त्वचा रोग सम्मेलन CUTICON के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
इस अवसर पर सम्मेलन आयोजकों द्वारा डॉ. माथुर को त्वचा रोग चिकित्सा, शिक्षण एवं युवा चिकित्सकों के मार्गदर्शन में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘गुरु रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

समारोह में डॉ. माथुर की पुस्तक ‘Skin Compass – आपकी त्वचा, आपका स्वास्थ्य’ का भी विमोचन हुआ। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक चिकित्सक और मरीज के बीच संवाद एवं जानकारी की कमी को दूर करने में सेतु का कार्य करेगी। इसमें सामान्य त्वचा रोगों, उपचार और सावधानियों की सरल जानकारी दी गई है।
युवा चिकित्सकों को संदेश देते हुए डॉ. माथुर ने कहा, “हमारी वास्तविक उपलब्धि केवल अर्जित ज्ञान में नहीं, बल्कि उस ज्ञान से मरीजों और समाज के जीवन में लाए गए सकारात्मक परिवर्तन में है।”



