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बेहतर प्रबंधन और समन्वय से किया जा सकता है मनोरोगी का इलाज : डॉ रूप सिडाना

बेहतर प्रबंधन और समन्वय से किया जा सकता है मनोरोगी का इलाज

टाटिया मेडिकल कॉलेज में ‘एनुअल मिड टर्म सीएमई’ का आयोजन

आयोजनकर्ता : सोसाइटी फॉर रूरल मेंटल हेल्थ के तत्वावधान में. एस.एस. टाटिया मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, श्रीगंगानगर में जिला कलेक्टर अंशदीप (अमित यादव) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

मुख्य विषय : “चैलेंजेस इन कंसल्टेशन लाइजन साइकेट्री” (अन्य रोगों के साथ मानसिक रोगों का संबंध)।

2. मुख्य वक्ताओं के विचार

डॉ. कृष्ण सोनी (वॉशिंगटन डीसी) : उन्होंने ‘साइकोलॉजिकल रिस्पॉन्स टू मेडिकल इलनेस’ विषय पर कहा कि गंभीर शारीरिक बीमारी से ग्रस्त रोगी का मनोरोगी हो जाना एक सामान्य बात है।

साइकोसोमेटिक थेरेपिस्ट : ये ऐसे पेशेवर होते हैं जो मानते हैं कि शरीर और मन गहराई से जुड़े हैं। वे मानसिक तनाव के कारण उत्पन्न शारीरिक लक्षणों का उपचार करते हैं।

डॉ. रूपेश चौधरी (लुधियाना) : उन्होंने ‘मैनेजिंग डिप्रेशन इन मेडिकल इल पेशेंट’ पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे मरीजों के प्रबंधन के लिए विभिन्न पक्षों पर ध्यान देना आवश्यक है।

3. चर्चा के प्रमुख तकनीकी विषय

संगोष्ठी (CME) के दौरान विशेषज्ञों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया:

अंडरस्टैंडिंग पेशेंट इन सीएलपी (CLP)।

डीएसएच (DSH) एवं सुसाइडल पेशेंट का प्रबंधन।

मेंटल हेल्थ ड्यूरिंग आईसीयू स्टे एंड बियोंड।

प्रेग्नेंसी एवं पोस्ट पार्टम फेज (प्रसव के बाद) में आने वाली चुनौतियां।

बच्चों से संबंधित मानसिक रोगों से निपटने की चुनौतियां।

न्यूरोलॉजिकल पेशेंट्स में आने वाली मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं।

4. आयोजन समिति और प्रमुख उपस्थिति

आयोजन टीम : डॉ. रूप सिडाना (चेयरपर्सन), डॉ. राजीव अग्रवाल (को-चेयरपर्सन), डॉ. अंकुश शर्मा (सचिव) और डॉ. विकास धोंगड़ा (कोषाध्यक्ष)।

संस्थान के पदाधिकारी : डॉ. विशु टाटिया (डायरेक्टर), डॉ. मोहित टाटिया (वाइस चेयरमैन), डॉ. के.एस. सुखदेव (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) और डॉ. विजय के. सहगल (डीन)।

विशेषज्ञ : डॉ. अजीत अवस्थी, डॉ. हितेश खुराना, डॉ. निमेश देसाई, डॉ. संदीप ग्रोवर और डॉ. शिव गौतम सहित देश के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान दिए।

संदेश : जिला कलेक्टर ने टाटिया यूनिवर्सिटी की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर आगे बढ़ते रहना ही जीवन है और इस तरह के आयोजनों से मनोरोग चिकित्सा से जुड़े लोगों को आधुनिक तकनीकों का लाभ मिलेगा।

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