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जयपुर बुकमार्क 2026 : दक्षिण एशिया के प्रकाशन जगत का होगा विशेष आकर्षण

जयपुर बुकमार्क 2026: दक्षिण एशिया के प्रकाशन जगत का विशेष आकर्षण 

जयपुर, 5 जनवरी 2026: साहित्य और प्रकाशन (Publishing) की दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, जयपुर बुकमार्क (JBM) अपने 13वें संस्करण के साथ वापसी कर रहा है। 15 से 19 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह प्रतिष्ठित बी2बी (B2B) मंच ‘जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल’ के समानांतर आयोजित किया जाएगा। यह कॉन्क्लेव दुनिया भर के प्रकाशकों, लेखकों, अनुवादकों, साहित्यिक एजेंटों और उद्योग जगत के दिग्गजों को एक साझा मंच प्रदान करता है।

विविधता और नवाचार पर केंद्रित कार्यक्रम

इस वर्ष के कार्यक्रम की रूपरेखा प्रकाशन उद्योग की बदलती प्रकृति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। JBM की निदेशक मनीषा चौधरी के अनुसार, “यह संस्करण उभरते रुझानों, नई कथा शैलियों और भारतीय भाषा प्रकाशन की जीवंतता का जश्न मनाने के साथ-साथ तकनीकी प्रभाव को समझने के लिए समर्पित है।” वहीं, जेएलएफ की सह-संस्थापक और जेबीएम की निदेशक नमिता गोखले ने कहा कि जयपुर बुकमार्क 2014 से ही विचारों के प्रसार और पुस्तक व्यापार के पेशेवर पहलुओं को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।

प्रमुख सत्र और चर्चा के विषय

इस 5-दिवसीय कॉन्क्लेव में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-मंथन होगा:

अनुवाद और विविधता: ‘इल्यूमिनेटिंग ट्रांसलेशन’ सत्र में बुकर पुरस्कार विजेता ‘हार्ट लैंप’ के माध्यम से अनुवाद की शक्ति पर चर्चा होगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): ‘फ्यूचरस्केप’ जैसे सत्रों में पब्लिशिंग इंडस्ट्री पर जनरेटिव एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभाव का विश्लेषण किया जाएगा।

डिजिटल क्रांति: ‘हिंदी साहित्यिक पॉडकास्ट’ के माध्यम से चर्चा की जाएगी कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।

विरासत और संस्कृति: मराठी प्रकाशन के 100 साल पूरे होने पर ‘पॉपुलर प्रकाशन’ की विरासत का सम्मान किया जाएगा। साथ ही, जापानी ‘मैंगा’ (Manga) और ‘एनीमे’ कला पर भी विशेष सत्र आयोजित होंगे।

बाल साहित्य: नॉर्वे (Country Partner) के सहयोग से बच्चों के साहित्य और पाठकों की नई पीढ़ी को तैयार करने की चुनौतियों पर मंथन होगा।

वैश्विक साझेदारी और नेटवर्किंग

JBM 2026 में नॉर्वे ‘कंट्री पार्टनर’ के रूप में शामिल है। इसके अलावा, ब्रिटिश काउंसिल के साथ ‘इंडिया-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप’ के माध्यम से स्वतंत्र प्रकाशकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव साझा करने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम में ‘मार्केटिंग राउंडटेबल’ और ‘फेस्टिवल डायरेक्टर्स राउंडटेबल’ जैसे सत्र नेटवर्किंग और भविष्य की रणनीतियों के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे।

जयपुर बुकमार्क 2026 न केवल किताबों के व्यापार का केंद्र है, बल्कि यह उन नई आवाजों और तकनीकों का स्वागत करने का मंच भी है जो भविष्य के साहित्य की दिशा तय करेंगे।

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