विशेष
चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे है न्यू एडवांसà
धर्म-समाज-संस्था

सेवा, चरित्र और ज्ञान का संगम, ए वी एम के छात्र बनाएँ जीवन सुगम। विद्यालय के प्रांगण में फिर सजेगी बचपन की महफ़िल

विद्यालय के प्रांगण में फिर सजेगी बचपन की महफ़िल : ‘यादों का कारवां’ में जुटेंगे पूर्व छात्र, संगीत और पुरानी स्मृतियों से सजेगी शाम

उज्ज्वल भविष्य, दृढ़ संकल्प महान, ए वी एम के छात्र हैं भारत की शान।

सेवा, चरित्र और ज्ञान का संगम, ए वी एम के छात्र बनाएँ जीवन सुगम।

बुद्धि, विवेक और असीम विश्वास, ए वी एम के छात्रों से है देश को आस।

ज्ञान का प्रकाश फैलाएँगे, ए वी एम के छात्र भारत को जगद्गुरु बनाएँगे।

अनुशासन और संस्कृति हमारी पहचान, ए वी एम के छात्र रचेंगे नया आसमान।

जयपुर। विद्यालय का जीवन मनुष्य के अस्तित्व का वह स्वर्णिम कालखंड होता है, जहाँ सपनों को पहली उड़ान और जीवन को सही दिशा मिलती है। समय के साथ भले ही राहें अलग हो जाती हैं, लेकिन पुरानी सुखद यादों को संजोकर रखना न केवल मन को असीम आनंद देता है, बल्कि यह हमारे मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए भी अत्यंत गुणकारी सिद्ध होता है। जीवन में इन मीठी स्मृतियों का गहरा महत्व होता है, जो तनावभरी दिनचर्या में संजीवनी का काम करती हैं।

इन्हीं पुरानी यादों को एक बार फिर से तरोताज़ा करने और सहपाठियों को एक मंच पर लाने के लिए आदर्श विद्या मंदिर (Adarsh Vidya Mandir) के नवनिर्मित वातानुकूलित सभागार (Auditorium) में एक भव्य एवं भावुक कार्यक्रम “यादों का कारवां” (पूर्व छात्र मिलन एवं संगीतमय संध्या) का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम की रूपरेखा एवं मुख्य आकर्षण :

दिनांक एवं समय : 2 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार), शाम 5:30 बजे से।

स्थान : आदर्श विद्या मंदिर, नवनिर्मित वातानुकूलित ऑडिटोरियम।

स्नेह सत्कार एवं खान-पान : कार्यक्रम के दौरान शाम की चाय एवं स्नैक्स तथा संगीतमय संध्या के पश्चात रात्रि भोज का आयोजन किया जाएगा।

आयोजन के मुख्य उद्देश्य :

पुरानी यादों का पुनर्जीवन : वर्षों बाद पूर्व छात्रों को एक-दूसरे से मिलाना और विद्यालय के दिनों के अनगिनत किस्सों व शरारतों को फिर से जीवंत करना।

गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता : जिन शिक्षकों ने संस्कार, अनुशासन और जीवन को समझने की दृष्टि दी, उनके प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करना।

संगीतमय संध्या : संगीत के माध्यम से उन खूबसूरत लम्हों को दोबारा जीना। पूर्व छात्र अपनी गायकी और प्रस्तुतियों से स्मृतियों का एक नया संसार रचेंगे।

अतीत से भविष्य का सेतु : विद्यालय के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी से जोड़ना और पूर्व छात्रों के बीच आत्मीयता व सहयोग की भावना को मजबूत करना।

 “विद्यालय छूट सकता है, लेकिन विद्यालय की यादें कभी नहीं छूटतीं”। यह संध्या सिर्फ एक मिलन समारोह नहीं, बल्कि अपने उस बचपन और उस विद्यार्थी से दोबारा मिलने का भावनात्मक अवसर है, जो आज भी हर पूर्व छात्र के भीतर कहीं मुस्कुरा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button