जयपुर में सजने जा रहा सिंधी समाज का महाकुंभ: राज्य स्तरीय पंचायत सम्मेलन समाज को देगा नई दिशा

जयपुर में सजने जा रहा सिंधी समाज का महाकुंभ : राज्य स्तरीय पंचायत सम्मेलन समाज को देगा नई दिशा

जयपुर (30 सितंबर)। भारतीय सिन्धू सभा राजस्थान न्यास और पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 3 व 4 अक्टूबर 2026 को प्रताप नगर स्थित ‘जसोदा देवी रेवाचंद गुरनाणी चैरिटेबल ट्रस्ट’ में तृतीय राज्य स्तरीय सिंधी पंचायत सम्मेलन का भव्य आयोजन होने जा रहा है। संतों के पावन सानिध्य में आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन सिंधी समाज की एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और सर्वांगीण विकास के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
इस आयोजन के केंद्र में तीन मुख्य प्रयास रहेंगे, जो सिंधी समाज को एक नई दिशा और पहचान देने का काम करेंगे:
सिंधी समाज के सर्वांगीण उत्थान के लिए अनूठे प्रयास :
सम्मेलन में समाज के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए ठोस कार्ययोजनाएं बनाई जाएंगी। मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने हेतु रोजगार, कौशल विकास और लघु उद्योगों से जोड़ने पर विचार होगा। युवाओं को नशे से दूर रखने, विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए परिचय सम्मेलन आयोजित करने तथा जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पंचायतों को सशक्त और संगठित किया जाएगा। साथ ही, राजस्थान में किसी प्रमुख नदी के किनारे राष्ट्रीय स्तर के ‘सिंधु तीर्थ’ के निर्माण के लिए राज्य सरकार से भूमि आवंटन की मांग रखी जाएगी।
नई पीढ़ी को भाषा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अभियान :
सिंधी भाषा और संस्कृति के अस्तित्व को बचाने के लिए जनगणना में प्रत्येक परिवार द्वारा अपनी मातृभाषा के रूप में ‘सिंधी’ का उल्लेख करने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोककला, संगीत और सिंधु दर्शन यात्रा के महत्व से परिचित कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि हमारी समृद्ध सभ्यता का प्रवाह बना रहे।
राजस्थान सिंधी अकादमी के गठन की लंबित मांग को प्रमुखता:
सिंधी भाषा, साहित्य, कला और लोक परंपराओं के संरक्षण-संवर्धन के लिए लंबे समय से लंबित ‘राजस्थान सिंधी अकादमी’ के गठन की मांग को इस मंच से सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। इसके साथ ही, राजनीति में समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए विधानसभा और लोकसभा में उचित प्रतिनिधित्व की रणनीति पर भी गंभीरता से मंथन होगा।
संतों का मिलेगा पावन सानिध्य
सम्मेलन प्रभारी महेन्द्र तीर्थनी के अनुसार, यह वैचारिक महाकुंभ महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन (हरीशेवा आश्रम, भीलवाड़ा), स्वामी भगतप्रकाश जी (श्री अमरापुरा स्थान, जयपुर), महंत हनुमानराम जी (पुष्करराज) और सांई मुकेश साध (स्वामी पुरसनाराम दरबार) सहित अनेक पूज्य संतों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन में संपन्न होगा।
प्रदेशभर से उमड़ेगा समाज
न्यास अध्यक्ष मोहनलाल वाधवाणी, सचिव ईश्वर मोरवानी, प्रदेश महामंत्री गिरधारीलाल ज्ञानाणी, सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष गिरधारी मनकानी और प्रचार प्रमुख तुलसी संगतानी ने बताया कि सम्मेलन में राजस्थान की विभिन्न पंचायतों से करीब 350 मुखिया/पदाधिकारी और जयपुर से 250 प्रतिनिधियों सहित पूरे प्रदेश से लगभग 600 समाजबंधु शामिल होंगे।
दो दिनों में आयोजित होने वाले 5 विभिन्न सत्रों में सामाजिक प्रस्तावों के साथ-साथ रंगारंग सिंधी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी होंगी। समापन पर समाज की अखंडता, भाषा-रक्षा और संगठनात्मक मजबूती का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।



