अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने दिखाया सतत विकास का मार्ग

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने दिखाया सतत विकास का मार्ग

जयपुर। सेंट जेवियर्स कॉलेज, जयपुर में 30 जनवरी 2026 को आईसीएसएसआर प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रांसडिसिप्लिनरी सम्मेलन “पीपल, प्लैनेट एंड प्रोस्पेरिटी: नेविगेटिंग पाथवेज़ टू ए सस्टेनेबल फ्यूचर” का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अरुण चतुर्वेदी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच सतत विकास को अनिवार्य बताते हुए नीति-निर्माताओं और युवा शोधकर्ताओं की भूमिका पर बल दिया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. सौदामिनी दास (इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ) और मुख्य वक्ता प्रो. विभा अरोड़ा (आईआईटी दिल्ली) ने सतत विकास लक्ष्यों को समाज, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के संतुलन से जोड़ते हुए भविष्य की चुनौतियों और समाधानों पर गहन विचार प्रस्तुत किए।
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण स्विट्ज़रलैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ बेसल के प्रो. मैनफ्रेड मैक्स बर्गमैन द्वारा ली गई “ट्रांसडिसिप्लिनरी रिसर्च” कार्यशाला रही, जिसकी अध्यक्षता डॉ. रश्मि बरुआ ने की। “प्रॉस्पेरस इकोलॉजीज़” पैनल में प्रो. विभा अरोड़ा, प्रो. सौदामिनी दास और प्रो. शेलजा के. जुनेजा ने जलवायु परिवर्तन, समुदाय-आधारित संरक्षण और हरित अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण विचार रखे। सत्र का संचालन डॉ. श्रुति रावल ने किया।
सम्मेलन के समानांतर शैक्षणिक सत्र भी आकर्षण का केंद्र रहे। ट्रैक 1, 2 और 3 की अध्यक्षता क्रमशः प्रो. मोहन प्रसाद सिंह, डॉ. रश्मि बरुआ और डॉ. शहनवाज़ आलम द्वारा की गई, जिसका समन्वय प्रो. रेखा सक्सेना ने संभाला। ट्रैक 4 में तुर्की की प्रो. सेदा यिलदिरिम के विचारों ने वैश्विक दृष्टिकोण को समृद्ध किया, जिसकी अध्यक्षता प्रो. कृष्णा गुप्ता ने की।

साहित्यिक सत्रों का नेतृत्व डॉ. मीनाक्षी जैन और डॉ. अरुण सिंह ने किया, जबकि मनोविज्ञान सत्र में प्रो. विश्वा चौधरी ने समसामयिक मानसिक स्वास्थ्य विषयों पर प्रकाश डाला। देश-विदेश से आए शिक्षाविद्, शोधकर्ता और विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कर सम्मेलन को सार्थकता प्रदान की।



