TRANSMEDCON 2025 जयपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न: भारत की ट्रांसफ्यूजन सेवाओं में तकनीकी क्रांति की ओर एक बड़ा कदम

TRANSMEDCON 2025 जयपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न : भारत की ट्रांसफ्यूजन सेवाओं में तकनीकी क्रांति की ओर एक बड़ा कदम

जयपुर | इंडियन सोसायटी ऑफ ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन (ISTM) की 13वीं वार्षिक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस TRANSMEDCON 2025 राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में भव्य रूप से सम्पन्न हुई। देश-विदेश से आए ट्रांसफ्यूजन विशेषज्ञों, क्लिनिशियनों, शोधकर्ताओं, टेक्नोलॉजिस्टों और छात्रों की भागीदारी ने इसे अब तक के सबसे प्रभावशाली आयोजनों में शामिल कर दिया।
इस वर्ष का थीम “Transforming Tradition With Technology – The Future of Transfusion Medicine”
ट्रांस मेडिकौन के साइंटिफिक चेयरपर्सन डॉक्टर अमित शर्मा ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में इम्यूनोहेमेटोलॉजी, डोनर मैनेजमेंट, क्लिनिकल ट्रांसफ्यूजन प्रैक्टिसेज, पेशेंट ब्लड मैनेजमेंट, थेरेप्यूटिक एफ़ेरेसिस, क्वालिटी सिस्टम्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और उच्च स्तरीय परिचर्चाएँ आयोजित की गईं। विभिन्न वैज्ञानिक शोधपत्रों और प्रस्तुतियों ने ट्रांसफ्यूजन सेवाओं के भविष्य को आकार देने वाले नए मानकों पर रोशनी डाली।
ट्रांस मेडिकोंन के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉक्टर बी एस मीणा ने कहा कि इस बार का विशेष आकर्षण तकनीक आधारित समाधानों पर केंद्रित सत्र थे—जिनमें ऑटोमेशन, मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स, हीमोविजिलेंस, एआई-आधारित स्क्रीनिंग टूल्स और ब्लड सेंटर्स के लिए क्वालिटी-इम्प्रूवमेंट मॉडल शामिल रहे। हैंड्स-ऑन वर्कशॉप्स में युवा डॉक्टरों और टेक्नोलॉजिस्टों को वैश्विक स्तर पर उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
ISTM के अध्यक्ष डॉ देबाशीष गुप्ता मानना है कि TRANSMEDCON 2025 भारत के ब्लड सेंटर्स के लिए नई दिशाएँ तय करेगा।
विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षमता निर्माण से सुरक्षित रक्त और उन्नत ट्रांसफ्यूजन थेरेपी तक पहुँच और बेहतर होगी।
ISTM की यह पहल देश को पारंपरिक ब्लड बैंकिंग से तकनीक-सक्षम, रोगी-केंद्रित ट्रांसफ्यूजन सेवाओं की ओर ले जाने में एक मील का पत्थर साबित हो रही है—जो आने वाले वर्षों में अनगिनत जीवन बचाने में योगदान देगी।
एक परिचय डॉ देबाशीष का

डॉ. देबाशीष गुप्ता देश के अग्रणी ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन स्पेशलिस्ट माने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 2012 में जयपुर में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की स्थापना कर सुरक्षित रक्त सेवाओं को नई दिशा दी। आज भारत में 4,200 से अधिक ब्लड बैंक स्थापित हो चुके हैं, और इनके विकास में भी डॉ. गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
डॉ. देबाशीष गुप्ता संजय गांधी पीजीआई, लखनऊ से ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन में भारत के प्रथम पोस्टग्रेजुएट होने का गौरव प्राप्त करते हैं। उन्होंने देशभर में 10 स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मॉडल ब्लड बैंक के डिजाइन और निर्माण में विशेष भूमिका निभाई, जिनमें राजस्थान के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों — सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल, जयपुर और आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर — में आधुनिक ब्लड बैंक स्थापित कराने में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डॉ. गुप्ता की विशेषज्ञता को मान्यता मिली है। वे केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय के सलाहकार के रूप में नियुक्त होने का सम्मान प्राप्त कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने सुरक्षित रक्त व्यवस्था और ट्रांसफ्यूजन सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण परामर्श दिया।
डॉ. देवाशीष गुप्ता का कार्य भारतीय ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है।
Dr. Debasish Gupta MD (Transfusion Medicine)
Professor & Head
Department of Transfusion Medicine Sree Chitra Tirunal Institute for Medical Sciences and Technology, Trivandrum (An Institute of National Importance, under Govt. of India)
ISTM ( President )
Indian Society of Transfusion Medicine
Mobile: +91-9020120101,
Position held :
1. Executive Member of Hemovigilance Programme of India, Indian Pharmacopoeia Commission, Technical Resource Group – Directorate General of Health Service, Indian Council of Medical Research- under Ministry of Health and Family Welfare, Government of India
2. Former Program Director (Blood Safety), CHF International-Kenya
3. Former Principle Investigator (Blood Safety), US-Centre for Disease Control, Kenya
4. Founder President of Federation of Blood Donor Organization of India
5. Former National Consultant (Blood Safety), World Health Organization -India
6. Former National Programme Officer (Blood Safety), National AIDS Control Organization, Ministry of Health and Family Welfare, Government of India


