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हार्ट डिज़ीज़ और सेक्सुअल लाइफ : कब और कैसे करें शुरुआत

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हार्ट डिज़ीज़ और सेक्सुअल लाइफ : कब और कैसे करें शुरुआत?

सेक्स जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है, और जब किसी को अचानक हार्ट अटैक आ जाए या एंजियोप्लास्टी की जाए, तो स्वाभाविक रूप से मन में यह सवाल उठता है कि अब सेक्सुअल लाइफ कब दोबारा शुरू की जा सकती है। कई बार युवा मरीज़ इस स्थिति में और अधिक चिंतित हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इतनी कम उम्र में ही हार्ट डिज़ीज़ होना सामान्य नहीं है।

 *डॉ. अमित जोशी, सेक्सुअल हेल्थ कंसल्टेंट, ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि* भारत में हार्ट डिज़ीज़ के मामले तेज़ी से बढ़ रहे है, आजकल 30-40 साल की उम्र के लोगों को भी एंजियोप्लास्टी और स्टंट की आवश्यकता पड़ रही है। कई बार तो 20-30 वर्ष की उम्र के युवा भी इस स्थिति से गुजरते हैं।

ऐसे में जब मरीज़ मुझसे मिलते हैं, तो उनका पहला सवाल यही होता है — “क्या मैं दोबारा सामान्य यौन जीवन जी पाऊंगा?” और कुछ अविवाहित लोग यह तक पूछते हैं कि “क्या मुझे शादी करनी चाहिए या नहीं?

इसका उत्तर सरल है — यदि आप एंजियोप्लास्टी के बाद बिना सांस फूले सीढ़ियाँ चढ़कर मेरे क्लिनिक तक आ सकते हैं, तो आप सेक्सुअल एक्टिविटी के लिए भी फिट हैं।

यदि आपकी एंजियोप्लास्टी इलेक्टिव यानी पूर्व नियोजित थी, और हार्ट मसल डैमेज नहीं हुआ था, तो आप लगभग 7-10 दिनों के भीतर अपनी यौन गतिविधि पुनः शुरू कर सकते हैं। परंतु यदि आपको एक्चुअल हार्ट अटैक आया था और हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है, तो कम से कम 2-3 सप्ताह का विश्राम आवश्यक है।

कई मरीज़ डरते हैं कि सेक्स करने से कहीं उनका स्टंट हिल न जाए — यह पूरी तरह मिथक है। स्टंट सेक्स से प्रभावित नहीं होता।

यदि किसी महिला को कम उम्र में हार्ट डिज़ीज़ हुई है या एंजियोप्लास्टी हुई है, तो जब तक वह पूरी तरह से स्वस्थ न हो जाए, उसे गर्भधारण से बचना चाहिए। वहीं पुरुषों में यदि पहले से ही इरेक्टाइल डिस्फंक्शन था और वे दवाइयों जैसे वायग्रा (सिल्डेनाफ़िल) का प्रयोग करते थे, तो अब उन्हें यह दवा लेने से पहले अपने कार्डियोलॉजिस्ट से परामर्श अवश्य करना चाहिए — खासतौर से अगर वे नाइट्रेट्स ले रहे हैं। नाइट्रेट्स और पीडीई-5 इनहिबिटर्स (जैसे वायग्रा) का एक साथ सेवन जानलेवा हो सकता है।

कुछ मरीज़ों को एंजियोप्लास्टी या बायपास के बाद नए सेक्सुअल समस्याएं जैसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का सामना करना पड़ सकता है। यह प्रायः मानसिक कारणों से होता है और अस्थायी होता है। घबराने की ज़रूरत नहीं है। हल्की फिजिकल एक्टिविटी, तनावमुक्त रहना और हार्मोन की जाँच करवाना लाभकारी होता है।

यदि फिर भी समस्या बनी रहती है, तो किसी अनुभवी सेक्सुअल हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

संपर्क सूत्र : डॉ अमित जोशी मो +91 94616 90001

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