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कान से मवाद आना : समय पर इलाज नहीं कराने से श्रवण शक्ति जा सकती है – डॉ. शार्दुल सिंह चौहान

dr shardul singh chouhan। ent। ajmer

कान से मवाद आना : समय पर इलाज नहीं कराने से श्रवण शक्ति जा सकती है – डॉ. शार्दुल सिंह चौहान

अजमेर।

कान से मवाद आना (Ear Discharge) एक आम लेकिन उपेक्षित समस्या बनती जा रही है, जिसे अक्सर लोग हल्के में लेते हैं। अजमेर के नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ (ENT) डॉ. शार्दुल सिंह चौहान ने चेताया है कि यदि समय पर इसका उचित इलाज न कराया जाए, तो यह स्थायी बहरेपन, चेहरे में टेढ़ापन और मस्तिष्क संक्रमण जैसी जटिल स्थितियों में बदल सकती है।

*बच्चों से लेकर युवाओं तक – अलग-अलग कारण:*

डॉ. चौहान बताते हैं कि  :         बच्चों में मवाद आने का सबसे आम कारण लगातार सर्दी-जुकाम होता है, जो कान तक संक्रमण फैला देता है।

युवाओं में, विशेष रूप से तैराकी (स्विमिंग पूल) के दौरान कान में गंदा पानी जाने से संक्रमण हो सकता है।

अन्य प्रमुख कारणों में शामिल हैं :

नाक में बढ़े हुए एडिनॉयड्स

नाक की टेढ़ी हड्डी (DNS)

किसी पुराने बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन का फैलाव

 समस्या के लक्षण निम्न हैं   : 

कान में लगातार या रुक-रुक कर दर्द रहना

सुनाई देने में भारीपन

कान से पीले, सफेद या दुर्गंधयुक्त तरल का रिसाव

बुखार, चक्कर या सिरदर्द

🔬 *जांच और इलाज के बारे में डॉ. चौहान बताते हैं कि मरीज की स्थिति जानने के लिए एंडोस्कोपी या ओटोस्कोपी जांच की जाती है, जिससे यह पता चलता है कि कान के पर्दे में छेद है या संक्रमण है।

उन्होंने खासतौर पर आगाह किया कि घरेलू उपचार जैसे सरसों का गर्म तेल, लहसुन तेल या कच्चा अंडा डालना पूरी तरह से गलत है और इससे संक्रमण और बढ़ सकता है।

✅  उपचार संभव और प्रभावी है : शुरुआती स्तर पर: एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, एंटीहिस्टामिनिक दवाएं और इयर ड्रॉप्स से उपचार संभव है।

यदि जांच में पता चले कि कान के पर्दे में छेद हो गया है, तो इसका भी 100% सुरक्षित और सफल इलाज है।

एक छोटे ऑपरेशन द्वारा टाइम्पेनोप्लास्टी (पर्दा बदलने की प्रक्रिया) की जाती है, जिससे सुनाई देना फिर से सामान्य हो सकता है।

डॉ. चौहान ने बताया कि हर 10 मरीजों में से 3 मरीज तब इलाज के लिए आते हैं जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है, यानी जब पर्दा फट चुका होता है। यह देर गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है।

उन्होंने कहा  लापरवाही न करें – समय पर इलाज है सरल समाधान :

 

डॉ. चौहान ने स्पष्ट संदेश दिया :

> “कान में मवाद आना मामूली समस्या नहीं है। देरी से इलाज करवाने पर यह श्रवण क्षमता खत्म कर सकती है, चेहरे की नसों को प्रभावित कर सकती है और सिरदर्द व चक्कर जैसे लक्षणों को जन्म दे सकती है। लेकिन अगर सही समय पर जांच और इलाज करवा लिया जाए तो यह पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है।”

📞 संपर्क सूत्र:

डॉ. शार्दुल सिंह चौहान

नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ – अजमेर

मो.: 7011249054

🔔 सावधान रहें, समय पर जांच कराएं।

*कान में मवाद दिखे तो घरेलू नुस्खों पर नहीं, विशेषज्ञ पर भरोसा करें।*

समय रहते उठाया गया एक कदम आपकी सुनने की शक्ति बचा सकता है।

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