तनाव और जीवनशैली न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की मुख्य वजह, योग और प्राणायाम से कम होता है स्ट्रोक का खतरा : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
तनाव और जीवनशैली न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की मुख्य वजह, योग और प्राणायाम से कम होता है स्ट्रोक का खतरा : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे

इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के 33वें वार्षिक सम्मेलन (IANCON) का जयपुर में भव्य शुभारंभ
राज्यपाल ने समय पर निदान, आधुनिक तकनीक, निरंतर अनुसंधान और मानवीय देखभाल पर दिया जोर
स्व. डॉ. अशोक पनगड़िया सहित न्यूरोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों को दिया गया मरणोपरांत विशेष सम्मान
जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को जयपुर में ‘इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी’ (IAN) के 33वें वार्षिक सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने मानव मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) को अत्यंत जटिल संरचना बताते हुए कहा कि न्यूरोलॉजिकल बीमारियां न केवल रोगी, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती हैं।
🚨 युवाओं में तेजी से बढ़ रहा स्ट्रोक का खतरा
राज्यपाल बागडे ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 25 लाख लोग स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) की चपेट में आते हैं। आधुनिक जीवनशैली, भागदौड़ और अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण यह बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी तेजी से फैल रही है।
उन्होंने पार्किंसंस और अल्जाइमर जैसे असाध्य रोगों का जिक्र करते हुए चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे:
रोगों के समय पर सटीक निदान (Diagnosis) और विशेषज्ञ उपचार पर ध्यान दें।
निरंतर अनुसंधान (Research) और संवेदनशील देखभाल के प्रति समाज में जागरूकता फैलाएं।
🧘♂️ आधुनिक चिकित्सा के साथ ‘योग, ध्यान और प्राणायाम’ की शक्ति
राज्यपाल ने कहा कि न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से बचाव के लिए आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय जीवनशैली को अपनाना बेहद आवश्यक है।
“विश्वभर के शोध में यह साबित हो चुका है कि नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान करने से मानसिक तनाव घटता है और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।”
— हरिभाऊ बागडे, राज्यपाल
🏥 ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे न्यूरोलॉजी सेवाएं
राज्यपाल ने सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल, जयपुर के साथ-साथ जोधपुर, कोटा, उदयपुर और बीकानेर मेडिकल कॉलेजों में दी जा रही न्यूरोलॉजी सेवाओं की सराहना की। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद देश-विदेश के वरिष्ठ चिकित्सकों से अपील की कि:
जटिल और असाध्य रोगों के इलाज की आधुनिक सुविधाएं दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाई जाएं।
यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश का कोई भी गरीब या जरूरतमंद मरीज इलाज से वंचित न रहे।
📚 स्मारिका एवं पुस्तकों का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने सम्मेलन की विशेष स्मारिका (Souvenir) का विमोचन किया। इसके अलावा क्षेत्र के तीन प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट्स द्वारा लिखित पुस्तकों का भी लोकार्पण किया गया।
आयोजन सचिव डॉ. भावना शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत में आए हुए सभी देश-विदेश के अतिथियों का स्वागत किया।
💐 दिवंगत दिग्गज न्यूरोलॉजिस्ट्स को मरणोपरांत विशेष सम्मान
न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान देने वाले राजस्थान के महान दिवंगत चिकित्सकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विशेष सम्मान से नवाजा गया, जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
डॉ. अशोक पनगड़िया (पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट)
डॉ. बी. एम. शर्मा
डॉ. सी. एम. शर्मा
डॉ. राजा राम अग्रवाल



