ENT के क्षेत्र में Minimal Invasive Surgery के अनेक है फायदे

ENT के क्षेत्र में Minimal Invasive Surgery के अनेक है फायदे
सुप्रसिद्ध ई एन टी स्पेशलिस्ट डॉक्टर सुधांशु अनंत पांडे ने कहा कि
वर्तमान समय में लगभग हर क्षेत्र में Minimal Invasive Surgery (लघु आक्रामक शल्यक्रिया) का उपयोग बढ़ रहा है। ENT (कान, नाक, गला) के क्षेत्र में भी इस तकनीक ने महत्वपूर्ण प्रगति की है।
1. कान की Minimal Invasive Surgery:
पारंपरिक रूप से कान के ऑपरेशन में Post-Aural Approach (कान के पीछे चीरा लगाकर) तकनीक का उपयोग किया जाता था। लेकिन अब Transcanal Approach और Endoscopic Ear Surgery जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बिना कान के पीछे चीरा लगाए ऑपरेशन संभव है। यह प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित, कम दर्दनाक और सौंदर्य की दृष्टि से भी बेहतर होती है।
2. नाक और साइनस की Minimal Invasive Surgery:
नाक और साइनस के ऑपरेशन अब Endoscopic Sinus Surgery (ESS) द्वारा किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में बाहरी चीरा नहीं लगाया जाता, बल्कि नाक के अंदर से ही दूरबीन (Endoscope) के माध्यम से साइनस, पॉलीप्स, या अन्य रुकावटों का इलाज किया जाता है। इससे घाव जल्दी भरते हैं और मरीज को कम दर्द व असुविधा होती है।
3. गले और ग्रंथियों की Minimal Invasive Surgery:
थायरॉइड, पैराथाइरॉयड, और Submandibular Gland (निचली जबड़े की लार ग्रंथि) जैसी ग्रंथियों के ऑपरेशन भी अब Endoscopic या Robotic Surgery के माध्यम से छोटे-छोटे चीरों या बिना चीरे के किए जा सकते हैं। इससे मरीज को जल्दी आराम मिलता है और निशान भी न के बराबर रहते हैं।
Minimal Invasive Surgery के फायदे
1. छोटा चीरा या बिना चीरा :
दूरबीन (Endoscope) के उपयोग से बड़े चीरों की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे घाव छोटा होता है।
छोटे चीरे होने के कारण दर्द और खून का बहाव कम होता है।
2. जल्दी रिकवरी :
मरीज पारंपरिक सर्जरी की तुलना में बहुत जल्दी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।
अधिकतर मामलों में मरीज को अस्पताल में ज्यादा दिन भर्ती रहने की जरूरत नहीं पड़ती।
3. सौंदर्य की दृष्टि से बेहतर (Cosmetic Advantage)
चेहरे, गर्दन, या कान पर बड़े निशान नहीं पड़ते, जिससे मरीज का आत्मविश्वास बना रहता है।
संपर्क सूत्र *डॉ सुधांशु अनंत पांडे*
*डॉ सुधांशु अनंत ई एन टी हॉस्पिटल चौमू
मो 79766 09972