विशेष
चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे है न्यू एडवांसमेंट्स। जयपुर में होता है असाध्य और कठिन रोगों का आधुनिकतम और नव सृजित तकनीकों से इलाज ।

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  • ISHLT-25 : हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट पर विशेषज्ञों का मंथन

    ISHLT-25 : हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट पर विशेषज्ञों का मंथन जयपुर। हार्ट और लंग्स ट्रांसप्लांट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंडियन सोसायटी फॉर हार्ट एंड लंग्स ट्रांसप्लांटेशन की तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ शुक्रवार को जयपुर में हुआ। इसमें देश-विदेश के कार्डियोलॉजिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट, कार्डियो-थोरेसिक सर्जन और ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ नई तकनीकों और चुनौतियों पर मंथन किया। दिल्ली के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.…

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  • धुएं का कोई भी रूप फेफड़ों के लिए हानिकारक — डॉ. मनोज कुमार

    धुएं का कोई भी रूप फेफड़ों के लिए हानिकारक — डॉ. मनोज कुमार जयपुर। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग संस्थान में प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार ने चेतावनी दी है कि धुएं का कोई भी स्रोत—चाहे वह सिगरेट, हुक्का, चूल्हा, फैक्ट्री, प्रदूषण या धार्मिक गतिविधियों जैसे हवन से निकला हो—फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि आजकल…

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  • फेफड़ों की बीमारी से बचाव ही सबसे बेहतर उपचार — डॉ. भूपेंद्र सैनी

    फेफड़ों की बीमारी से बचाव ही सबसे बेहतर उपचार — डॉ. भूपेंद्र सैनी जयपुर। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग संस्थान के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. भूपेंद्र सैनी ने लोगों से अपील की है कि फेफड़ों की बीमारियों से बचाव के लिए हरसंभव कदम उठाना जरूरी है, क्योंकि यह बीमारियाँ धीरे-धीरे जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं और कई…

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  • अस्थमा और सीओपीडी: भ्रम और सच्चाई — डॉ. अशोक चारण की सलाह

    अस्थमा और सीओपीडी: भ्रम और सच्चाई — डॉ. अशोक चारण की सलाह जयपुर। एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के श्वसन रोग संस्थान में वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. अशोक चारण ने बताया कि आज भी अस्थमा और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) को लेकर लोगों में कई भ्रांतियाँ बनी हुई हैं। अक्सर लोग इन दोनों बीमारियों को एक जैसा मान लेते…

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  • नेविगेशनल ब्रोंकोस्कोपी : फेफड़ों के जटिल हिस्सों की बायोप्सी अब नॉन-सर्जिकल तरीके से संभव

    नेविगेशनल ब्रोंकोस्कोपी : फेफड़ों के जटिल हिस्सों की बायोप्सी अब नॉन-सर्जिकल तरीके से संभव जयपुर। हेल्थ व्यू अब फेफड़ों के उन कठिन हिस्सों में भी पहुंचना संभव हो गया है, जहां पहले केवल सर्जरी द्वारा ही पहुंचा जा सकता था। नेविगेशनल ब्रोंकोस्कोपी तकनीक ने नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया द्वारा फेफड़ों के जटिल हिस्सों में विकसित ट्यूमर की बायोप्सी को संभव बना दिया…

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  • निमोनिया के कारण प्रबंधन और उपचार : डॉ नारंग

    विकासशील देशों में मौत का सबसे आम कारण निमोनिया किसी को भी हो सकता है। यह एक सामान्य बीमारी है, इस रोग के सबसे अधिक बोझ वाले देशों में भारत (4.3 करोड़), चीन (2.1 करोड़) और पाकिस्तान (1 करोड़) शामिल है। अमेरिका में निमोनिया से हर साल लगभग 55,000 लोग मर जाते हैं। यह विकासशील देशों में मौत का सबसे…

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  • यदि बलगम और खांसी ठीक ना हो रही हो तो ….उपाय : डॉ प्रमोद दाधीच

    यदि बलगम और खांसी ठीक ना हो रही हो तो है घातक प्रसिद्ध अस्थमा एवं श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ प्रमोद दाधीच ने बताया कि क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) फेफड़ों की बीमारी है। इसके लक्षण अस्थमा और ब्रोंकाइटिस से मिलते-जुलते हैं। यह क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस है जिसमें मरीज की एनर्जी कम हो जाती है, वह कुछ कदम चलकर ही थक जाता…

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