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चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे है न्यू एडवांसमेंट्स। जयपुर में होता है असाध्य और कठिन रोगों का आधुनिकतम और नव सृजित तकनीकों से इलाज ।
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राजस्थान के लिए गर्व का विषय : ISSRF 2025 – प्रजनन बायोमेडिसिन में नवाचार का महाकुंभ

राजस्थान के लिए गर्व का विषय : ISSRF 2025 – प्रजनन बायोमेडिसिन में नवाचार का महाकुंभ

जयपुर विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है, और इसका सबसे बड़ा प्रमाण डॉ. बी. लाल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “रिप्रोडक्टिव बायोमेडिसिन” और 35वीं वार्षिक ISSRF बैठक है। यह प्रतिष्ठित सम्मेलन 14 से 16 फरवरी 2025 तक चलेगा और इसका विषय “बेसिक बायोलॉजिकल एवं एप्लाइड रिसर्च को क्लिनिकल प्रैक्टिस में एकीकृत करना – मानव कल्याण के लिए” रखा गया है।

ISSRF 2025 न केवल एक सम्मेलन है, बल्कि यह प्रजनन स्वास्थ्य और बायोमेडिसिन में क्रांतिकारी बदलाव लाने का मंच भी है। इस आयोजन से राजस्थान को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बायोटेक्नोलॉजी और चिकित्सा अनुसंधान केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।

राजस्थान के लिए यह गर्व का विषय है कि जयपुर एक वैश्विक वैज्ञानिक और चिकित्सा नवाचार हब के रूप में उभर रहा है। यह सम्मेलन न केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों को आगे बढ़ाएगा बल्कि मानव कल्याण और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

 

राजस्थान के लिए क्यों है यह गर्व का विषय?

इस सम्मेलन का आयोजन राजस्थान को वैश्विक चिकित्सा मानचित्र पर और मजबूत करेगा। जयपुर में इतने बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और चिकित्सा विशेषज्ञों का एकत्रित होना अपने आप में राज्य की वैज्ञानिक उपलब्धियों को दर्शाता है। इस मंच पर प्रजनन स्वास्थ्य और बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े नवीनतम अनुसंधान और तकनीकों पर चर्चा होगी, जिससे न केवल चिकित्सा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के युवा वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को भी अत्याधुनिक शोध और नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी।

सम्मेलन की भव्य शुरुआत और प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया:

पद्म भूषण प्रो. जी. पी. तलवार, निदेशक, तलवार रिसर्च फाउंडेशन, नई दिल्ली

प्रो. अल्पना काटेजा, कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर

डॉ. एम. एल. स्वरंकर, एमेरिटस चेयरपर्सन, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, जयपुर

पद्म श्री डॉ. एम. एल. मदान, पूर्व कुलपति, DUVASU, मथुरा

प्रो. एन. के. लोहिया, अध्यक्ष, ISSRF

डॉ. आर. एस. शर्मा, सचिव, ISSRF

डॉ. बी. लाल गुप्ता, सह-अध्यक्ष, ISSRF 2025

डॉ. सुदीप्ति अरोड़ा, आयोजन सचिव, ISSRF 2025

इन सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इस आयोजन की भव्यता और इसकी महत्ता को और बढ़ा दिया।

ISSRF 2025: नवाचार और सम्मान का संगम

सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभियानों की शुरुआत की गई:

✔ ISSRF 2025 एब्सट्रैक्ट सॉविनियर

✔ 33वां ISSRF न्यूज़लेटर

✔ SHEROES कैंपेन – महिला स्वास्थ्य को समर्पित एक पहल, जिसे डॉ. बी. लाल क्लिनिकल लैबोरेटरी और एबॉट के सहयोग से शुरू किया गया।

इसके अलावा, प्रजनन चिकित्सा में असाधारण योगदान देने वाले विशेषज्ञों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया:

डॉ. नीना मल्होत्रा

डॉ. के. डी. नायर

डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा (डायरेक्टर, ART, रेनबो IVF, आगरा)

प्रजनन स्वास्थ्य में अनुसंधान को नई दिशा

इस सम्मेलन में 10 वैज्ञानिक और तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें प्रजनन कैंसर, जीनोमिक्स, पोषण, जीवनशैली के प्रभाव और तकनीकी नवाचारों जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

✔ 100 से अधिक आमंत्रित वक्ता

✔ 110 शोध पोस्टर (छह विषयगत क्षेत्रों में)

✔ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, यूके और भारत सहित 5 देशों की भागीदारी

इसके अलावा, सम्मेलन में 3 प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, 7 ऑनरेबल ओरशन्स और 12 यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे।

विशेष वर्कशॉप और उद्योग जगत की भागीदारी

इस सम्मेलन में वैज्ञानिक और उद्योग जगत की साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी:

Med-Innovate 2025 (IIHMR के सहयोग से)

PCOS वेलनेस वर्कशॉप (ASSOCHAM के साथ)

IVF & IUI वर्कशॉप (शीर्ष स्त्रीरोग विशेषज्ञों द्वारा)

राजस्थान को कैसे मिलेगा लाभ?

1. वैज्ञानिक और चिकित्सा शोध में बढ़ावा : जयपुर को एक प्रमुख बायोटेक्नोलॉजी और प्रजनन चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

2. युवा शोधकर्ताओं को अवसर : राजस्थान के युवा वैज्ञानिकों को विश्वस्तरीय शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों के साथ काम करने का मौका मिलेगा।

3. महिला स्वास्थ्य पर फोकस : महिला स्वास्थ्य और प्रजनन संबंधी शोध को नई दिशा मिलेगी, जिससे आम जनता को भी लाभ मिलेगा।

4. औद्योगिक विकास : इस सम्मेलन से बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर इंडस्ट्री में निवेश और विकास के नए अवसर खुलेंगे।

 

 

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